Thursday, 19 July 2018, 9:04 AM

धर्म कर्म

जानें तिलक का क्या है विष्णु भगवान से कनेक्शन

Updated on 6 June, 2018, 7:00
तिलक वास्तव में भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। हर शुभ काम, पूजा आर यहां तक कि श्राद्ध कर्म से पहले भी माथे पर तिलक लगाया जाता रहा है। किसी भी मंदिर में जाने पर पुजारी दर्शनार्थियों के ललाट पर तिलक लगाते हैं। तिलक सदैव बैठकर ही लगाना चाहिए। पद्म पुराण में... आगे पढ़े

कड़ा, ब्रेसलेट या लॉकेट पहनें सोच समझकर, ये हो सकता हैं नुकसान

Updated on 5 June, 2018, 9:25
संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसके जीवन में कोई समस्या न हों। हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी का सामना कर रहा हैं। सभी चाहते हैं कि उनके जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाएं, इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति प्रयास भी करता हैं। ज्योतिष शास्त्र (Astrology)  के अनुसार... आगे पढ़े

नीलकंठ के इस दास के प्रकोप से नहीं बच पाया था रावण

Updated on 5 June, 2018, 7:40
रावण एक बार कैलाश पहुंचा। द्वार पर नंदीश्वर को देखकर वह उनसे पराक्रम की डींग मारने लगा। नंदीश्वर ने कहा- ''भैया! तुम भी शिवलिंग के पूजक हो और मैं भी। अंतः हम दोनों समान हैं। पारक्रम तो हमारे अाराध्य का प्रसाद है। अभिमान पूर्वक क्यों डींग मारते हो?'' रावण- ''तुम मेरे... आगे पढ़े

यात्रा के साथ तीर्थः मनाली जा रहे हैं तो यहां जाना ना भूलें

Updated on 5 June, 2018, 7:00
गर्मी में हर दिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है, इससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की तरफ जाते हैं। मनाली, भारत के बहुत ही प्रसिद्ध घूमने के स्थानों में से एक है। यहां विदेशी लोग भी... आगे पढ़े

जानें क्या पसंद है आपके आराध्य को?

Updated on 4 June, 2018, 9:00
भारतीय पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में देवी-देवता मानवीय स्वरूप में स्वीकार्य हैं। चूंकि सगुण की उपासना करते हैं, इसलिए सगुण की हम मानवीय रूप में ही आराधना करते हैं। उनका जन्म होता है, विवाह होता है। परिवार होता है, निवास, वाहन, बच्चे, पसंद के फूल, फल.... मौसम, महीना... सब कुछ ठीक... आगे पढ़े

तो इस तरह हुई संपूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना

Updated on 4 June, 2018, 7:00
मयाध्यक्षेण प्रकृति: सूयते सचराचरम् | हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते || गीता 9/10|| अर्थ: हे अर्जुन ! मेरी अध्यक्षता में प्रकृति चराचर जगत को रचती है और इसी कारण संसार चक्र घूम रहा है। व्याख्या: उपनिषद में कहा है कि परमात्मा ने संकल्प किया कि ‘मैं एक हूं और अनेक रूपों में प्रकट हो जाऊं’... आगे पढ़े

शक्तिपीठ की अनोखी कहानीः सोने का पहाड़ और देवी का चमत्कार

Updated on 3 June, 2018, 7:00
पूर्णागिरि मंदिर, देवभूमि उत्तराखण्ड के टनकपुर में अन्नपूर्णा शिखर पर है। यह 108 सिद्ध पीठों में से एक है। यह स्थान महाकाली की पीठ माना जाता है। यहां पर माता सती की नाभि का भाग भगवान विष्णु के चक्र से कटकर गिरा था। इस शक्तिपीठ की अनोखी कहानी है, यहां... आगे पढ़े

इस मंदिर में हैं बिना सूंड के गणपति, राजा करते थे दूरबीन से दर्शन

Updated on 2 June, 2018, 8:20
जयपुर के प्राचीन मंदिरों में गढ़ गणेश मंदिर प्रमुख है। नाहरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर का निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह प्रथम ने अश्वमेघ यज्ञ के आयोजन के साथ कराया था। इस मंदिर की विशेषता यहां स्थापित की गई गणेश भगवान की मूर्ति है। मंदिर में गणेशजी... आगे पढ़े

इस्लाम से पारसी धर्म अपनाने वाले इस संत ने, फकीरों को दिया संदेश

Updated on 2 June, 2018, 7:00
आजर कैवां फारस के शाही खानदान से थे। बाद में वह पारसी धर्म के मशहूर संत बने। इनका ज्यादातर वक्त भारत में गुजरा। बिहार में योग परंपरा और ध्यान दर्शन पर आजर कैवां ने खूब काम किया। यह भी कह सकते हैं कि उनके कारण ही पारसी धर्म की एक... आगे पढ़े

क्षीर सागर से प्रकट हुई थीं देवी लक्ष्मी

Updated on 1 June, 2018, 7:20
इसी समय मुनि को देवराज इंद्र दिखाई दिए, जो मतवाले ऐरावत पर चढ़कर आ रहे थे। उनके साथ बहुत-से देवता भी थे। मुनि ने अपने मस्तक पर पड़ी माला उतार कर हाथ में ले ली। उसके ऊपर भौरे गुंजार कर रहे थे। जब देवराज समीप आए तो दुर्वासा ने पागलों... आगे पढ़े

एक मंदिर से जुड़ी हैं 4 कहानियां, दुर्गम है जाने का रास्ता

Updated on 1 June, 2018, 7:00
मां दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में से एक नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है। शिवालिक पर्वत श्रेणी की पहाड़ियों पर स्थित यह भव्य मंदिर है समुद्र तल से 11000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसी मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती के... आगे पढ़े

इंडोनेशिया के इस शिवलिंग में अमृत भरा!

Updated on 31 May, 2018, 7:00
विश्व में एकमात्र इंडोनेशिया ऐसा देश है जहां भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का प्रभाव दुनिया के किसी भी अन्य देश से सबसे अधिक देखने के लिए मिलता है। यहां हिंदू परंपराओं को काफी महत्व दिया जाता है। तभी यहां 20 हजार की करंसी में भी आपको गणेशजी की फोटो... आगे पढ़े

नई ऊर्जा की अनुभूति सफलता दिलाएगी

Updated on 31 May, 2018, 6:40
1: दिन का पहला भाग भविष्य की चिंताओं से ग्रसित होगा पर दिन के दूसरे भाग से मन वर्तमान पर केंद्रित होना शुरू हो जाएगा और मानसिक शांति भी प्राप्त होती चली जाएगी। 2:किसी अपने की बात तीर की तरह दिल में चुभ सकती है। भावनात्मक लगाव से बचें और दिल... आगे पढ़े

कैसे बने भैरव बाबा काशी के कोतवाल, जानिए पूरी कहानी

Updated on 30 May, 2018, 9:00
भगवान शंकर की नगरी कही जानेवाली काशी के राजा हैं बाबा विश्‍वनाथ। साथ ही काल भैरव को इस शहर का कोतवाल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस शहर में भैरव बाबा की ही मर्जी चलती है और वह पूरे शहर की व्‍यवस्‍था देखते हैं। इतना ही नहीं यहां... आगे पढ़े

जिस वृक्ष से मिली सुंदरी, उसी से मौत

Updated on 30 May, 2018, 7:00
एक यात्री लम्बे सफर में जाते समय एक बियावान में किसी सुन्दर वृक्ष की घनी छाया में जा पहुंचा। संयोगवश वह कल्पवृक्ष का पेड़ था। उसमें इच्छा करते ही तत्काल कामना पूर्ण करने की शक्ति थी। यात्री बहुत प्यासा था। उसने इच्छा की कि किसी प्रकार पानी मिलता। देखते देखते शीतल... आगे पढ़े

चीन ने दी मानसरोवर में डुबकी लगाने की इजाजत, श्रद्धालुओं ने सुषमा को कहा शुक्रिया

Updated on 29 May, 2018, 18:16
नई दिल्ली चीनी अधिकारियों ने भारतीय श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर झील में डुबकी लगाने की इजाजत दे दी है. श्रद्धालुओं ने मंगलवार को मानसरोवर झील में डुबकी लगाई और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को शुक्रिया भी अदा किया. मानसरोवर झील में श्रद्धालुओं समेत डुबकी लगाने के बाद पुजारी संजीव कृष्ण ठाकुर... आगे पढ़े

इस जड़ी-बूटी ने भगवान राम और लक्ष्मण में भर दी थी ऊर्जा

Updated on 29 May, 2018, 7:00
‘खुदा का शुक्र है कि हमारे साथ सिर्फ जुल्म हो रहा है। ईश्वर ने हमारे हाथों को दूसरे के साथ जुल्म न होने देने के लिए बनाया है।’ यह यह एक साधारण परिवार की महिला के बोल हैं, जो उस समय की ब्रिटिश हुकुमत के जुल्म में भी मुस्कुरा रही... आगे पढ़े

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 29 May, 2018, 6:40
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 28 May, 2018, 7:00
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

पूजा से संबंधित 30 नियमों का जरूर करें पालन

Updated on 28 May, 2018, 6:40
सुखी और समृद्ध जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए।... आगे पढ़े

जानें, ऐसे आपके आसपास भटकती है मौत

Updated on 27 May, 2018, 9:00
उस दिन भरत महाराज अपने दरबार में बैठे थे। दरबार में प्रजा पर लगने वाले कर पर चर्चा हो रही थी। उसी वक्त एक व्यक्ति दरबार में आया और महाराज भरत से पूछने लगा, ‘‘महाराज, आप इतने बड़े साम्राज्य का संचालन करते हुए भी जीवन में निर्लिप्त भाव से कैसे... आगे पढ़े

रमजान में इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बड़ा पुण्य

Updated on 27 May, 2018, 7:00
अरबी भाषा में रोजे का शाब्दिक अर्थ रुक जाने को हैं। ‘सुरह बकरा’ में की आयत नंबर 183 में वर्णन है कि अल्लाह ने पिछली उम्मतों की तरह हजरत मोहम्मद साहब की उम्मत पर भी रोजा फर्ज किया है। मोहम्मद साहब ने बताया था कि इस्लाम की नींव पांच चीजों... आगे पढ़े

मां पद्मिनी को करना है ख़ुश तो न करें इस चीज़ का सेवन

Updated on 27 May, 2018, 6:20
कमला एकादशी को सभी एकादशियों से ज्यादा महत्व होता है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। यह एकादशी हर साल नहीं आती बल्कि 3 साल में एक बार पड़ती है। इस बार की एकादशी का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि इस बार इस दिन... आगे पढ़े

मथुरा: द्वारकाधीश कृष्ण की 27 मई को होगी शादी

Updated on 26 May, 2018, 7:00
मथुरा: सत्ताइस मई को द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य देवता भगवान कृष्ण और देवी रुक्मिणी का शाही विवाह होगा तथा अन्य पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ बारात भी आएगी। आयोजन समिति के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने कहा, ‘‘न केवल द्वारकाधीश मंदिर के... आगे पढ़े

कौन हैं भगवान विष्णु का असली Love mate

Updated on 25 May, 2018, 9:00
एक बार की बात है भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे। उन्होंने स्वप्न में देखा कि करोड़ों चन्द्रमाओं की कांतिवाले, त्रिशूल-डमरू-धारी त्रिलोचन भगवान शिव प्रेम और आनंदित होकर उनके सामने नृत्य कर रहे हैं। उन्हें देखकर भगवान विष्णु हर्ष से गद्‍गद्‍ हो उठे और अचानक उठकर बैठ गए, और... आगे पढ़े

यमराज ने बताया, इस तरह जिंदगी भर रह सकते हैं खुश

Updated on 24 May, 2018, 7:00
श्री श्री आनन्दमूर्ति वास्तव में आध्यात्मिक साधकों के लिए यह प्रथम और अंतिम सूत्र है, बहुतों को एक के रूप में देखना। पदार्थ विज्ञान विश्लेषणात्मक है। इसलिए पदार्थ पर शोध और अनुसंधान बाहर से होता है। किंतु जो एक है, उस क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए और उसका आध्यात्मिक अर्थ... आगे पढ़े

सुकन्या ने ऐसे बनाया बूढ़े अंधे पति को जवान और रूपवान

Updated on 23 May, 2018, 7:00
यह कहानी बहुत ही अजब-गजब है। इस कहानी में एक ऐसे पुरुष की प्रेम कथा है जो बूढ़ा और शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका है। इनके जीवन में एक दिन एक ऐसी घटना होती है कि अत्यंत रूपवती कन्या जिसका नाम सुकन्या है वह इनकी पत्नी बनकर आ जाती।... आगे पढ़े

वासुदेव ने बताई स्त्री की असल पहचान

Updated on 23 May, 2018, 6:40
एक बार सत्यभामा ने श्री कृष्ण से पूछा, ‘‘मैं आपको कैसी लगती हूं?’’  श्री कृष्ण बोले, ‘‘नमक जैसी लगती हो।’’  इस तुलना को सुनकर सत्यभामा क्रोधित हो गईं। तुलना की भी तो किससे? श्री कृष्ण ने किसी तरह सत्यभामा को मना लिया और उनका गुस्सा शांत किया। कुछ दिन पश्चात श्री कृष्ण... आगे पढ़े

ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर बजरंग बली के जयकारों से गूंजायमान हुआ जनपद जगह-जगह स्टाॅल लगाकर बांटा

Updated on 22 May, 2018, 21:00
बाराबंकी  ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर पूरे जनपद में धूम रही। हनुमान मंदिरो पर लाखो की संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना करके प्रसाद चढ़ाया और भक्तों ने भण्डारा करके प्रसाद बांटा। शहर से लेकर ग्रामीण कस्बो में भी भक्तों ने जमकर बजरंग बली के जयकारे लगाये। जनपद की... आगे पढ़े

यहां अंजनी मां की गोद में विराजमान हैं हनुमान, नवाब ने भी झुकाया था सिर

Updated on 22 May, 2018, 16:00
वैसे तो देशभर में कई जगह हनुमान जी की प्रतिमाएं हैं। मगर, हनुमान के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने हों, तो रामजी की नगरी अयोध्या में आना होगा। रामभक्त बजरंगबली के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने के लिए सरयू नदी के तट पर हनुमान गढ़ी मंदिर आपको 76... आगे पढ़े