Thursday, 19 July 2018, 9:04 AM

धर्म कर्म

इसलिए बार-बार जन्म-मृत्यु के चक्कर काटने पड़ते हैं

Updated on 22 May, 2018, 9:00
श्री भक्ति विचार विष्णु महाराज मनुष्य मरणशील है, फिर क्यों वह सदा जीने, अधिक से अधिक ज्ञान अथवा हमेशा सुख पाने की इच्छा करता है? दूसरे शब्दों में कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और न ही किसी प्रकार का दुख चाहता है। ऐसा क्यों? आमतौर पर देखा जाता... आगे पढ़े

8 जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू, जानिए मानसरोवर की 7 रोचक बातें

Updated on 22 May, 2018, 7:00
दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा 8 जून से शुरू हो रही है। पुराणों के अनुसार, यहां शिवजी का स्थायी निवास होने के कारण इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने हज़ारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहां इकट्ठे... आगे पढ़े

पैसों से जुड़ी समस्याओं के समाधन के लिए करें कौड़ी के उपाय

Updated on 22 May, 2018, 6:20
ज्योतिष शास्त्र में अनेक चीजों का प्रयोग किया जाता है। ऐसी ही एक चीज है कौड़ी। यह समुद्र से निकलती हैं और सजावट के काम भी आती है। मगर, क्या आपको पता है कि धन प्राप्ति के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, लक्ष्मी समुद्र से... आगे पढ़े

समुद्र मंथन से निकली 5 कन्याएं, किसे कौन मिलीं

Updated on 21 May, 2018, 9:00
समुद्र मंथन पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है जिसमें देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र का मंथन किया था। इस मंथन के दौरान जहां एक तरह हलाहल विष निकला तो वहीं दूसरी तरफ अमृत भी निकला। इस मंथन में 5 कन्याओं समेत 14 रत्न भी निकले थे। आइए... आगे पढ़े

गीता में बताया गया है इस तरह इकट्ठा होता है हमारे कर्मों का लेखा-जोखा

Updated on 21 May, 2018, 8:20
सुरक्षित गोस्वामी प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुन: पुन:| भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात्|| गीता 9/8|| अर्थ: अपनी प्रकृति को वश में करके जो प्रकृति के वश में होने के कारण परतंत्र हैं, उन सब भूतसमुदाय को पुनः-पुनः उत्पन्न करता हूं। व्याख्या: जो भी कर्म हम करते हैं, उसका लेखा-जोखा हमारे चित्त में इकट्ठा हो जाता है, क्योंकि... आगे पढ़े

जानिए किस देवी-देवता को कौन सा दीपक दिखाने से मिलता है आर्थिक लाभ

Updated on 21 May, 2018, 7:00
देवी-देवताओं की पूजा में दीपक का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दीपक कैसा हो, उसमे कितनी बत्तियां हों, इसका भी एक विशेष महत्व है। उसमें जलने वाला तेल व घी किस-किस प्रकार का हो, इसका भी विशेष महत्व है। उस देवता की कृपा प्राप्त करने,... आगे पढ़े

बिछिया बस फैशनवल ही नहीं, इसके ये हैं एस्ट्रोलाजिकल फायदे...

Updated on 20 May, 2018, 11:31
भारतीय संस्कृति में सोलह श्रंगार करना महिलाओं के जीवन का मुख्य अंग रहा है। सोलह श्रंगारों में से बिछिया को 15वां स्थान दिया गया है। हिन्दू धर्म में नाभि से नीचे स्वर्ण धातु के गहने पहना वर्जित है। फिर भी आज फैशन की होड़ में ऐसी वर्जनाओं का पालन सभी... आगे पढ़े

मानो या न मानो: ऐसे पैदा हुई थी गांधारी की 101 संतानें

Updated on 20 May, 2018, 7:00
भगवान वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में सम्पूर्ण धर्म, दर्शन, समाज, संस्कृति, युद्ध और ज्ञान-विज्ञान की बातें शामिल हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है, जो महाभारत में नहीं है। साजिशों से भरी इस दास्तां के गर्भ में बहुत सारे रहस्य समाए हुए हैं। जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं की... आगे पढ़े

वैष्णो देवी मंदिर समेत ये हैं देश के कुछ और अमीर मंदिर, आता है करोड़ों का चढ़ावा

Updated on 19 May, 2018, 14:00
नई दिल्ली। आज भी भारत में ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं जिनका वैभव विदेशी आक्रांताओं के सभी हमले झेलने के बावजूद भी बना हुआ है। कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जिन्होंने हाल के दिनों में आपार धन चढ़ावे में अर्जित किया है और उनके वैभव व चकाचौंध ने उन्हें देश... आगे पढ़े

शनि की दृष्टि क्रूर मानी जाती हैं, जानें क्यों हुआ ऐसा और गणेश कैसे बने गजानन

Updated on 19 May, 2018, 11:15
नवग्रहों में शनि को न्यायाधिपति माना गया है। ज्योतिष में शनि की स्थिति व दृष्टि बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। शनि की तीन दृष्टियां होती हैं- तृतीय, सप्तम, दशम। शनि की दृष्टि अत्यन्त क्रूर मानी गई है। शनि की तीसरी दृष्टि विच्छेद करती है, सातवीं दृष्टि पीड़ित करती है और... आगे पढ़े

हनुमान जी का एक बाल है 1000 शिवलिंगों के बराबर

Updated on 19 May, 2018, 7:00
प्राचीन समय की बात है एक बार पांडवों के पास नारद मुनि आए और उन्होंने युधिष्ठर से कहा की स्वर्ग में आपके पिता पांडु अति दुखी हैं। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो नारद ने बताया कि पांडु अपने जीते जी राजसूय यज्ञ करना चाहते थे, जो वो कर न... आगे पढ़े

ये रत्न पहनोगे तो फरिश्तों का होगा आप पर पहरा

Updated on 19 May, 2018, 6:40
नीलम एक ऐसा कीमती रत्न (पत्थर) है जो रंक को राजा और राजा को रंक बनाने की अद्भुत क्षमता से ओतप्रोत है। यह रत्न आपदाओं के लगातार प्रहार से तार-तार हुए लोगों की जिंदगी में नई रोशनी लाकर उनकी तमाम विपत्तियों व असफलताओं को सुख-समृद्धि एवं सफलता में बदल देता... आगे पढ़े

इस तरह भगवान को खोजना है अंधविश्वास

Updated on 18 May, 2018, 9:00
आर.डी. अग्रवाल एक असली चीज जो कि कल्पना से परे है, उसे कल्पना में मान लेना ही अंधविश्वास है। भगवान चूंकि मन, बुद्धि, कल्पना से परे है और हम उसे कल्पना से मानते हैं यही सबसे बड़ा धोखा है। कल्पना उस चीज की कर सकते हैं जो अस्तित्व में है ही... आगे पढ़े

आसान है वेद-पुराणों को समझना, यह है विभाजन का क्रम

Updated on 18 May, 2018, 7:00
धार्मिक पुस्तकों की मोटाई और इनकी संख्या देखकर हम अक्सर इन्हें पढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। फिर इनके बारे में सुनी-सुनाई बातों के अनुसार अपनी सोच बना लेते हैं। खैर, हम यहां आपको बता रहे हैं कि वेद और पुराणों को समझना बेहद आसान है, बस हमें सही क्रम... आगे पढ़े

गंगा दशहरा: जानें, कब गंगा ने धरती पर मचाया हाहाकार

Updated on 17 May, 2018, 8:20
गंगा दशहरा पर्व पर गंगा मंदिरों सहित अन्य मंदिरों पर भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। श्री गंगा दश-अश्वमेघ घाट पर स्नान करने से जन्मों-जन्मों के पापों का नाश हो जाता है। दस दिन तक श्री गंगा सहस्त्रनामवली-श्री गंगा स्त्रोत-चालीसा आदि का पाठ करना चाहिए।  गंगा जी को स्वर्ग से पृथ्वी... आगे पढ़े

शुरू होने वाला है रमजान का महीना, जानिए इससे जुड़े महत्व

Updated on 17 May, 2018, 7:20
रमजान का पवित्र महीना मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस महीने को मुस्लिम समुदाय में त्योहार की तरह मनाया जाता है। इस्लाम धर्म में इस महीने का बहुत महत्व है क्योंकि यह मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा रोजे रखने का समय होता हैं। इन दौरान दिन में न... आगे पढ़े

यमराज पर भारी पड़ गई एक नारी, बनीं सौ पुत्रों की माता

Updated on 17 May, 2018, 7:00
वट सावित्री व्रत ज्‍येष्‍ठ मास के कृष्‍ण पक्ष की अमावस्‍या को मनाया जाता है। यह व्रत पति की दीर्घायु और संतान प्राप्ति की कामना के लिए महत्‍वपूर्ण है। व्रत से जुड़ी सावित्री की कथा में बताया गया है कि यदि एक स्‍त्री धैर्य और बुद्धिमानी के साथ कठिन परिस्थिति का... आगे पढ़े

ज्योतिष: रूठी हुई किस्मत भी देगी साथ

Updated on 17 May, 2018, 6:40
प्रत्येक इंसान के जीवन में धन बहुत महत्व रखता है। छोटा हो या बड़ा हर किसी को अधिक से अधिक धन पाने की इच्छा होती है और हो भी क्यों न आखिर पैसा ही मनुष्य की हर ज़रूरत को पूरा करता है। लेकिन कई बार इन्हीं पैसों की तंगी के... आगे पढ़े

चांद का दीदार, कल से रमजान होगा शुरू

Updated on 16 May, 2018, 22:30
रमजान का चांद देखने के साथ ही इबादतों का महीना शुरू हो गया है। गुरुवार से रोजा शुरू होगा। इस साल पहला रोजा 14 घंटे 58 मिनट का तो है ही, लेकिन मौसम भी कड़ा इम्तिहान लेगा। गर्मी महीने के शुरुआती दौर में ही इस साल तापमान 35 से 40... आगे पढ़े

16 मई से शुरू हो गए हैं अधिकमास, 13 जून तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Updated on 16 May, 2018, 11:00
हिन्दू शास्त्रों में 'अधिक मास' को बड़ा ही पवित्र माना गया है। इसलिए अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, अधिकमास में व्रत, पवित्र नदियों में स्नान और तीर्थ स्थानों की यात्रा करने से बहुत पुण्य मिलता है। वर्ष 2018 में अधिक मास 16 मई से... आगे पढ़े

दिल में छुपे हर सवाल का जवाब देता है ये Body part

Updated on 16 May, 2018, 6:20
ज्योतिष शास्त्र में हथेली के चिन्ह, जातक के जीवन में विशेष प्रभाव डालते हैं। देशकाल परिस्थिति में भी परिवर्तन आ गया है। अत: लक्षणों का अक्षरश: मिलना तो संभव नहीं है। ऐसे लक्षण जीवन में काफी हद तक सटीक रहते हैं। हस्त में उकरे लक्षणों का सार यदि व्यवहार में... आगे पढ़े

वट सावित्री व्रत: ये है पूजा का शुभ मुहूर्त और कथा

Updated on 15 May, 2018, 9:00
वट सावित्री व्रत 15 मई, 2018 को मंगलवार के दिन किया जाएगा। भारतीय संस्कृति में वट सावित्री व्रत आदर्श नारीत्व का प्रतीक बन चुका है। इस व्रत की तिथि को लेकर भिन्न मत हैं। स्कंद पुराण तथा भविष्योत्तर पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को यह... आगे पढ़े

मलमास के कारण बैंड-बाजा और बारात बंद

Updated on 15 May, 2018, 7:00
इस महीने 16 तारीख से 13 जून तक बैंड-बाजा और बारात पर ज्योतिषीय प्रतिबंध रहेगा। कारण है इस अवधि में अधिक मास होना जिसमें सभी मांगलिक कार्य करने वर्जित माने जाते हैं । यही नहीं, इस साल पूरे नवम्बर विवाह समारोहों पर ग्रहण लगा रहेगा। 25 सितम्बर से 9 अक्तूबर... आगे पढ़े

चेहरा देख कर जानी जा सकती है दिल की बात

Updated on 14 May, 2018, 9:00
सुकरात एक बार फिर शिष्यों के साथ बैठे कुछ चर्चा कर रहे थे। तभी वहां एक ज्योतिषी आया और कहने लगा, ‘मैं ज्ञानी हूं। चेहरा देखकर चरित्र बता सकता हूं। कोई मेरी इस विद्या को परखना चाहेगा?’ सभी शिष्य सुकरात की तरफ देखने लगे। सुकरात ने उस ज्योतिषी से अपने बारे... आगे पढ़े

क्या वाकई मंदिर दर्शन से होता है लाभ, जानें वैज्ञानिक कारण

Updated on 14 May, 2018, 7:00
हमारा देश अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां आज भी कई प्राचीन काल के मंदिर मौजूद हैं। जहां अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित इन मंदिरों में प्रायः लोग परिवार या अकेले भी अपने इष्टदेव की आराधना के लिए पहुंचते हैं। मगर क्या आपके मन में... आगे पढ़े

इस उपाय से चमक जाएगा किस्मत का सितारा

Updated on 14 May, 2018, 6:20
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चल रहे ग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण ही व्यक्ति को अनेकों परेशानियों और असफलताओं का सामना करना पड़ता है। अशुभ प्रभाव देने वाले ग्रहों का उचित उपचार करने पर उनके बुरे फलों को अच्छे में बदला जा सकता है। यदि आपको भी जीवन में... आगे पढ़े

आपको भी फेमस बना देगा सफलता का ये सूत्र

Updated on 13 May, 2018, 7:00
सरी सक्ती अपने वक्त के आला दर्जे के सूफी संत थे। उनकी सादगी बड़ी मशहूर थी। वह जल्दी किसी से कुछ लिया नहीं करते थे। यह बड़ा आम था कि जिसका नज़राना सरी सक्ती ने कबूल कर लिया वह खुद को धनी समझता था।  सरी सक्ती का भांजा था जुनैद। एक... आगे पढ़े

कैसे मिला माता अंजनी को वानरी का रूप

Updated on 12 May, 2018, 7:00
एक बार देवराज इंद्र की सभा स्वर्ग में लगी हुई थी। इसमें दुर्वासा ऋषि भी भाग ले रहे थे। जिस समय सभा में विचार-विमर्श चल रहा था उसी समय सभा के मध्य ही ‘पुंजिकस्थली’ नामक इंद्रलोक की अप्सरा बार-बार इधर से उधर आ-जा रही थी। सभा के मध्य पुंजिकस्थली का... आगे पढ़े

पीपल की पूजा से शनि देव कैसे होते हैं शांत, पढ़ें पौराणिक कहानी

Updated on 11 May, 2018, 7:00
हिंदू धर्म में पीपल की पूजा का विशेष महत्व है। पीपल एकमात्र पवित्र देववृक्ष है, जिसमें सभी देवताओं के साथ ही पितरों का भी वास रहता है। श्रीमद्भगवदगीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम, मूलतो ब्रहमरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे, अग्रत: शिवरूपाय अश्वत्थाय नमो नम:। अर्थात मैं वृक्षों... आगे पढ़े

जनेऊ धारण करने से पहले जरूर बोलना चाहिए यह मंत्र

Updated on 10 May, 2018, 12:15
हिंदू धर्म में प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है जनेऊ पहनना और उसके नियमों का पालन करना। हर हिंदू जनेऊ पहन सकता है, बशर्ते कि वह उसके नियमों का पालन करे। ब्राह्मण ही नहीं समाज का हर वर्ग जनेऊ धारण कर सकता है। जनेऊ धारण करने के बाद ही द्विज बालक... आगे पढ़े