नई दिल्ली। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की प्रक्रिया जारी है। इसे रोका नहीं गया है। उन्होंने कहा कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही दोनों देशों के बीच अनसुलझे मुद्दों के समाधान का रास्ता खोजा जा सकता है। हालांकि भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा था कि उन्हें ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया रुक गयी है।

भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिवों की बातचीत इस साल जनवरी में प्रस्तावित थी। लेकिन पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद विदेश सचिवों की बातचीत को रद कर दिया गया था। एयरबेस पर हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने अपने ऊपर ली थी। हालांकि इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाक पीएम के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के बीच बैठक में ये फैसला किया गया था कि दोनों देशों के बीच समग्र बातचीत होगी।

दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए पेरिस में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों और दिसंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बैठक के बाद जमीन तैयार की गयी। लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद भारत ने कड़ी नाराजगी जताई। भारत ने अपने रुख को साफ कर दिया था कि दहशतगर्दी और बातचीत का एक दूसरे से नाता नहीं है। पाकिस्तान को इसे समझना होगा। भारतीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने गुंजरावाला में पठानकोट एयरबेस पर हमले के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की। पाकिस्तान की तरफ से जैश सरगना मसूद अजहर के प्रिवेंटिव डिटेंशन की खबर आयी लेकिन एक सवाल उठा कि आतंकी तो आतंकी होता है, प्रिवेंटिव डिटेंशन का मतलब क्या है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि सरकारी नीतियों के बारे में हर रोज जानकारी नहीं दी जा सकती है। लेकिन एक बात साफ है कि बातचीत ही दोनों देशों के बीच तल्खी को दूर करने का एक मात्र रास्ता है।