हाइलाइट्स

• वैज्ञानिक NP-Micav पर कर रहे काम, ड्रोन के जरिए मरीज तक जल्द पहुंचाए जा सकेंगे अंग।
• अंगों के ट्रांसपोर्टेशन पर अस्पतालों का खर्च आधा हो सकेगा।
• एक किडनी को 24 घंटे, लिवर को 12-15 घंटे और हार्ट को 10 घंटे तक रखा जा सकता है सुरक्षित।
• बेंगलुरु होगा ड्रोन से अंग ट्रांसपोर्ट करने वाला पहला शहर।


बेंगलुरु, शरीर के किसी अंग का ट्रांसप्लांट करवाने वाले मरीज के लिए एक-एक पल कीमती होता है। ट्रांसप्लांट किया जाने वाले अंग जितना दूर होता है, मुश्किल उतनी ही ज्यादा होती है, मरीज तक अंग को जल्द से जल्द पहुंचाना होता है। ऐसे में वैज्ञानिक एक ऐसी योजना पर काम कर रहे हैं जिससे हार्ट, किडनी आदि का ट्रांसपोर्टेशन आसान हो सके। अगर सबकुछ योजना के मुताबिक हो जाता है तो जल्द अंगों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। और, अनमैन्ड एरियल वीकल(UAVs) के जरिए अंग ढोने के मामले में बेंगलुरु देश का पहला शहर बन जाएगा।

देश में फाइटर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट(LCA) के जनक कोटा हरिनारायण ने बताया, 'हमारा मुख्य फोकस हार्ट ट्रांसपोर्टेशन को लेकर है क्योंकि बाकि अंग लंबे समय के लिए सुरक्षित रखे जा सकते हैं।'