रमजान से जुड़े दीनी मसलों की जानकारी देने के लिए रमजान हेल्पलाइन चलाई जा रही है। इस पर रोजा, नमाज, तरावीह, जकात समेत किसी भी मसले का जवाब हासिल किया जा सकता है। हेल्पलाइन पर बुधवार को आए कुछ सवाल।

शिया:-
सवाल: अगर कोई व्यक्ति बीमार हो और वह जोहर से पहले ठीक हो जाए तो शरीयत का क्या हुक्म है?
जवाब:
अगर उस व्यक्ति ने कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिससे रोजा टूट जाता है, तो वह नीयत कर ले, रोजा सही होगा।

सवाल: अगर कोई व्यक्ति किसी समस्या के कारण रोजा न रखे तो क्या कफ्फारा देना होगा?
जवाब: कोई व्यक्ति समस्या के कारण रोजा न रख पाए, तो हर एक रोजे के बदले उसे 750 ग्राम गेहूं दान करना होगा।

 

सवाल: क्या एक साथ पूरे महीने के रोजे का कफ्फारा अदा किया जा सकता है?
जवाब:
अगर बीमार को यकीन हो कि महीने की आखिरी तारीख तक वह ठीक नहीं हो सकता, तो पूरे महीने का कफ्फारा एक साथ दिया जा सकता है।

सवाल: किस जानवर का खून कपड़े में लगने से नापाक माना जाएगा? जवाब: हर उस जानवर का खून नापाक है, जिसका खून काटते वक्त उछल कर निकले।

पैनल: मौलाना सैफ अब्बास नकवी और अन्य शिया उलमा masael786@gmail.com सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच। 9839097407, 9415580936, 9335280700



सुन्नी:-
सवाल: कोई अगर हमेशा बीमार रहता है और डॉक्टरों ने रोजा न रखने का सुझाव दिया, तो क्या करना चाहिए?
जवाब:
उस इंसान को हर रोजे के बदले फिदिया देना होगा। (फिदिया यानी एक फकीर को दो वक्त का खाना खिलाना या लगभग एक किलो सात सौ ग्राम गेहूं या उसकी कीमत अदा करना)

सवाल: क्या कोई रोगी रोजे में ऑक्सीजन ले सकता है?
जवाब:
ऑक्सीजन ले सकता है। शर्त यह है कि इसमें दवा का कोई हिस्सा शामिल न हो।

सवाल: रोजे की हालत में बार-बार हिचकी आने से क्या रोजा टूट जाता है?
जवाब: यह सही नहीं है। बार-बार हिचकी आने से रोजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सवाल: रोजे की हालत में सांस का मरीज क्या इनहेलर का इस्तेमाल कर सकता है?
जवाब:
इनहेलर में दवा मिली होती है, इसलिए इसके इस्तेमाल से रोजा टूट जाएगा।

पैनल: खालिद रशीद और अन्य उलमा-ए-कराम ramzanhelpline2005@gmail.com दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच। 9415023970, 9335929670, 9415102947