Bihar BSEB Class 10th Matric Results 2018: बिहार बोर्ड ने 10वीं बोर्ड परीक्षा (10th Matric Results 2018) के रिजल्ट जारी कर दिए हैं. लेकिन रिजल्ट आने के बाद जिन आधिकारिक वेबसाइट्स (biharboard.ac.in और biharboardonline.gov.in) पर रिजल्ट दिखाई देने थे उन पर करीब 5 घंटे बाद भी रिजल्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं.


बिहार बोर्ड की ये दोनों वेबसाइट्स ठप पड़ी हैं. इन वेबसाइट्स पर रिजल्ट सर्च करने पर एरर दिखाई दे रहा है. ऐसे में दुविधा ये है कि छात्र अपना रिजल्ट कैसे देखें.


आपको बता दें, बिहार बोर्ड परीक्षा के नतीजे शाम 4:30 बजे घोषित कर दिए गए हैं. नतीजों की घोषणा शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा समेत विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन आनंद किशोर ने की.

10वीं के रिजल्ट देखने के लिए करना पड़ा रहा है लंबा इंतजार


इस साल 10वीं के रिजल्ट के लिए छात्रों को लंबा इंतजार करना पड़ा. गौरतलब है कि 10वीं की परीक्षा के नतीजे पहले 20 जून को घोषित किए जाने वाले थे, मगर 19 जून को ही इस बात का खुलासा हुआ कि नवादा जिले के सभी छात्रों के उत्तरपुस्तिकाएं जो गोपालगंज के SS बालिका इंटर कॉलेज में मूल्यांकन के लिए गई थी उसमें से 42000 उत्तर पुस्तिकाएं कॉलेज के स्ट्रांग रूम से गायब हो गई है. इस विवाद के सामने आने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आनन-फानन में 10वीं की परीक्षा के नतीजे जो 20 जून को घोषित किए जाने थे उसे आगे बढ़ाकर 26 जून तक टाल दिया गया था.


वहीं पहले रिजल्ट का 26 तारीख को सुबह 11: 30 बजे आना था, लेकिन एक दिन पहले 25 जून की शाम रिजल्ट का समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया.  वहीं परेशानी वाली बात ये है कि रिजल्ट तो जारी हो गया है, लेकिन छात्र अभी भी अपना रिजल्ट नहीं देख पा रहे हैं. 


कैसा रहा 10वीं का रिजल्ट


इस परीक्षा में 68.89 फीसदी छात्र पास हुए हैं. वहीं इस साल 17,98,797 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 12 लाख 11 हजार 615 बच्चे पास हुए हैं.


प्रेरणा राज ने किया टॉप


इस साल पहला स्थान प्रेरणा राज ने 91.4 फीसदी अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है. वहीं दूसरे स्थान पर प्रज्ञा और शिखा कुमारी ने कब्जा किया है. टॉपर्स लिस्ट में तीसरे स्थान पर अनुप्रिया और चौथे स्थान पर प्रियांशु रहे हैं. परीक्षा में टॉप-3 स्थान हासिल करने वाली तीनों छात्राएं सिमुलतला आवासीय स्कूल की हैं.

जानें- कैसा रहा पिछले साल 10वीं का रिजल्ट


बता दें कि 2017 में भी परीक्षा के रिजल्ट जून के आखिरी में ही जारी किए गए थे. वहीं साल 2017 में 49.8 फीसदी परीक्षार्थी फेल हो गए थे. पिछले साल प्रेम कुमार ने 500 में से 465 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल किया था और दूसरे स्थान पर जमुई की भव्या कुमारी थीं, जिन्होंने 92.8 फीसदी यानी 464 अंक हासिल किए थे. 2017 में 14 फीसदी प्रथम श्रेणी से पास हुए थे. टॉपर्स की घोषणा वेरिफिकेशन के बाद की गई थी.