पिछले महीने थाइलैंड के चियांग राय प्रांत की थाम लुआंग गुफा से बचाए गए फुटबॉल टीम के 12 बच्चों में से तीन बच्चों और उनके 25 साल कोच को बुधवार को थाइलैंड की नागरिकता दी गई है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने थाइलैंड सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। दुनिया भर में सुर्खियां बटोरने वाली इस घटना में गुफा में फंसे 12 बच्चों को करीब दो हफ्ते बाद सुरक्षित निकाल लिया गया था। 


यूएनएचसीआर ने बताया कि गुफा में चले राहत और बचाव कार्य के दौरान पता चला कि थाइलैंड में चार लाख 80 हजार लोग बिना नागरिकता के रह रहे हैं। थाइलैंड में ही पैदा होने के बावजूद इन लोगों को उचित अवसर और नागरिकता नहीं मिलती। इन तीन बच्चों और उनके कोच के पास भी थाई नागरिकता नहीं थी।


सपने देखने का मौका मिला :- 

यूएनएचसीआर की विशेष सलाहकार कैरल बैचलर ने कहा कि थाइलैंड सरकार ने बुधवार को उन्हें नागरिकता देकर जीवन में बेहतर और सुनहरे सपने देखने का मौका दिया है। इस घटना के बाद सभी 12 बच्चे इस हफ्ते पहली बार स्कूल गए। फुटबॉल कोच एकापोल चानथावांग ने बताया कि उन्हें थाईलैंड सरकार की तरफ से आईडी कार्ड मिल गया है। उन्होंने कहा कि मैं खुश हूं। मैं ये कहना चाहता हूं कि फुटबॉल बच्चों की जिंदगी में तरक्की ला सकता है। बच्चों के पास नागरिकता होने से अगर ये फुटबॉल ना भी खेलना चाहे, तो सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा दे सकते हैं।