दंतेवाड़ा : जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित चुनाव कराने प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। दो मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं तो शिफ्टिंग वाले केंद्रों की संख्या घटनाई जाएगी। सुरक्षित मतदान कार्यक्रम के लिए 70 अर्द्धसैनिक बल की कंपनियां तैनाती होगी। वोटर किसके पक्ष में बटन दबाया है, उसका चुनाव चिन्ह भी मतदान के 7 सेकेंड तक ऑन स्क्रीन दे पाएगा।

यह बातें आज कलेक्टर सौरभ कुमार ने मीडिया से चर्चा में दी। सोमवार की शाम कलेक्टर सौरभ कुमार मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में हैं। मतदान के लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें पहुंच चुकी है। इनका एफएलसी भी हो चुका है।

कलेक्टर ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिला होने से चुनाव कराना काफी चुनौती भरा होता है। बावजूद अधिकारी- कर्मचारी और फोर्स तैयार हैं। कलेक्टर के मुताबिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न् कराने के लिए जिले अर्द्धसैनिक बल की 70 कंपनियों की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में दो मतदान केंद्रों का इजाफा कुल 273 केंद्र बनाए गए हैं।

दो नए केंद्र नारायणपुर राजस्व जिले के हांदावाड़ा और हितामेटा को जोड़ा गया है। साथ ही जिले 24 मतदान केंद्र हैं, जो नक्सली दहशत से प्रभवित हुए हैं, उन्हें भी शिफ्ट करने की अनुशंसा की गई है। इसी तरह पांच ऐसे मतदान केंद्रों को शिफ्ट करने की सिफारिश की गई है, जहां कम या फिर वोट नहीं पड़े थे।

एक सवाल के जवाब में कलेक्टर ने कहा कि दिव्यांगों को मतदाताओं के लिए सभी केंद्रों में रैंप बनाया जाएगा। मतदाता सूची में भी सभी दिव्यांगों को जोड़ने के निर्देश अधिकारियों को दी गई। किस बूथ में कितने ऐसे मतदाता है, इसकी मॉनीटरिंग भी होगी