नौकरी पाने के लिए अच्छी डिग्री, काबिलियत और तजुर्बा होना ही काफी नहीं है। इंटरव्यू में नियोक्ता पर गहरी छाप छोड़ने की कला आना भी बेहद जरूरी है। ‘हफिंगटन पोस्ट' ने विशेषज्ञों के हवाले से इंटरव्यू में अच्छा प्रदर्शन करने के दस उपाय सुझाए हैं। आइए इन पर नजर डालें.


2015 में हुए सर्वे में 38 फीसदी नियोक्ताओं ने कंपनी के बारे में बहुत कम या शून्य जानकारी रखने को आवेदकों की ओर से की गई सबसे बड़ी गलती करार दिया था। आप ऐसी गलती न करें। कंपनी के बारे में पढ़ने के बाद ही इंटरव्यू देने जाएं, ताकि अच्छा प्रभाव पड़े।.


इंटरव्यू लेते समय नियोक्ता सबसे पहले यह परखता है कि आवेदक में नौकरी करने की काबिलियत मौजूद है या नहीं। इसलिए सवालों की बौछार झेलने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। आत्मविश्वास के साथ जवाब दें। जॉब के लिए खुद की उपयोगिता साबित करें।


आप संबंधित उद्योग के प्रति गहरी समझ का प्रदर्शन कर नियोक्ता पर अच्छी छाप छोड़ सकते हैं। इसके लिए उद्योग से जुड़ी हालिया खबरों, घटनाओं और फैसलों का जिक्र करें। कंपनी के नए उत्पाद के बारे में अपनी राय जाहिर करें। उसे और बेहतर बनाने के उपाय सुझाना भी न भूलें।


सवालों से घबराएं नहीं

सिर्फ इंटरव्यू देने से ही काम पूरा नहीं हो जाता। इसके अगले पड़ाव के बारे में जरूर पूछें। मसलन दूसरे दौर का इंटरव्यू होगा या नहीं? आवेदकों के चयन की प्रक्रिया कब तक पूरी कर ली जाएगी? इससे आगे की योजना बनाने में आसानी होगी।


इंटरव्यू के दौरान नियोक्ता इस बात का अंदाजा लगाना चाहते हैं कि आवेदक कंपनी के विकास में क्या योगदान दे सकता है। इसलिए नौकरी मिलने पर आप क्या करने की योजना रखते हैं, नियोक्ता को संक्षिप्त में इसकी जानकारी जरूर दें। 


इंटरव्यू खत्म होने के बाद नियोक्ता से कुछ सवाल जरूर पूछें। मसलन कंपनी की कर्मचारियों से अपेक्षा और संबंधित पद की जिम्मेदारियां। इससे नौकरी पाने की चाह जाहिर होगी। साथ ही कंपनी, उसके माहौल को समझने में भी मदद मिलेगी।


रेज्यूम पूर्व में किए गए काम का आईना होता है। लिहाजा इसमें अपनी सोच के बारे में फिजूल की बातें लिखने के बजाय अनुभवों व पूर्व में किए गए काम का जिक्र करें। न सिर्फ आपकी काबिलियत सामने आएगी, बल्कि आपकी अहमियत भी बढ़ेगी।


अगर किसी व्यक्ति ने संबंधित पद पर नियुक्ति के लिए आपकी पैरवी की है तो नियोक्ता को याद दिलाना मत भूलें। इससे आपके आवेदन को बल मिलेगा। नियोक्ता के मन में यह संदेश जाएगा कि संबंधित व्यक्ति आपके साथ अच्छा काम कर चुका है। 


नौकरी मिलने पर अपनी जिम्मेदारियों के साथ कितना न्याय कर सकेंगे, इसका अंदाजा आपके पूर्व के अनुभवों से मिलता है। पुराने ऑफिस में किए गए काम का जिक्र करना न भूलें। किसी प्रोजेक्ट के लिए प्रमोशन मिला हो या वेतन बढ़ा हो तो जरूर बताएं।


नियोक्ता से यह जानने का प्रयास करें कि वह कर्मचारियों से किस तरह के बर्ताव की उम्मीद रखता है। इस दौरान खुद के विचार रखना भी मत भूलें। कोशिश करें कि आपके विचार नियोक्ता की सोच से मेल खाएं, ताकि उसकी नजरों में आपकी उपयोगिता साबित हो।