मेरठ, यूपीएससी द्वारा रविवार को आयोजित की जा रही ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का एसटीएफ मेरठ ने भंडाफोड़ किया है। मेरठ एसटीएफ की टीम ने शनिवार रात वेस्ट यूपी में नकल कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनसे पेपर भी बरामद हुआ है। उधर, जिला प्रशासन ने रविवार को मेरठ के 34 केंद्रों पर सुबह 10 बजे से होने वाली परीक्षा निरस्त कर दी है। खास बात यह है कि सभी जिलों में यह पेपर जिला कोषागार के डबल लॉक में रखे हुए थे। इसके बावजूद पेपर लीक हो गया।

एसटीएफ सीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि रविवार को परीक्षा संपन्न होने के बाद यह गिरोह शहर में किसी चाय की दुकान पर मिलने वाला था। उसके बाद यह देखा जाता कि जो पेपर लीक हुआ है क्या वास्तव में वही प्रश्न पेपर में आए हैं। ऐसा होने पर ही इस गिरोह के सदस्यों ने पेपर के बदले 8 से 10 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी से लेने की बात कही थी।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने यूपी में 3210 ट्यूबवेल ऑपरेटर की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस भर्ती के लिए दो सितंबर को परीक्षा को पेपर होना था। यूपीपीएससी ने 2018 में 3210 ट्यूबवेल ऑपरेटर पदों की घोषणा की थी। उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाना था। नकल माफिया ने इसी भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की तैयारी की थी। यूपी में जगह-जगह पर ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में नकल कराने के लिए पेपर आउट कराने और माइक्रोफोन डिवाइस के जरिए नकल कराने की तैयारी कर ली थी। यूपी एसटीएफ टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कई जगह पर नकल माफिया की धरपकड़ की। मेरठ एसटीएफ टीम ने भी ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में डिवाइस और कुछ अन्य सामान बरामद किया गया है। एसटीएफ पता करने में जुटी है कि पर्चा कहां से आउट हुआ है।