हैदराबाद : भारत के सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल की खराब फॉर्म पिछले कुछ समय से टीम के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, लेकिन टीम प्रबंधन लगातार उनका बचाव कर रहा है जिसमें बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ ने कहा कि उनकी तकनीक में कोई खामी नहीं है. बल्लेबाजी के लिए आसान मानी जा रही हैदराबाद की पिच पर कर्नाटक के यह बल्लेबाज 25 गेंद में महज चार रन बनाकर आउट हो गए थे. क्रीज पर उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे पृथ्वी शॉ पूर तरह सहज दिखाई दिए. 

बांगड़ से जब पूछा गया कि क्या राहुल बल्लेबाजी करते समय जरूरत से ज्यादा सोच रहे तो उन्होंने विस्तार से बताया कि उन्हें उनकी मौजूदा खराब फॉर्म के बारे में क्या लगता है. उन्होंने कहा, ‘‘इस समय कई तरह की बातें की जा रही और ऐसे में आपको खुद की तकनीक के बारे में संशय करने लगते हो. हमारे लिए, वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी रहा है. इसलिए जब ऐसा खराब दौर आता है तो ऐसे में मेरा और टीम का मानना है कि वह ज्यादा चीजों के बारे में नहीं सोचे.’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कई बार हो सकता है जब आप खुद की क्षमता और तकनीक पर पर संदेह करने लगते हो, इसलिए मुझे यह सुनिश्चित करना होता है कि ‘हां, आपकी तकनीक सही है. शायद आपको अपने नजरिये में बदलाव या बल्लेबाजी योजना पर थोड़ा सा काम करने की जरूरत है.’’ बांगड़ हालांकि यह नहीं बता सके कि भारतीय टीम जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज खेलेगी और एडिलेड में खेले जाने वाले पहले मैच में राहुल का बल्ला नहीं चला तो क्या टीम के अतिरिक्त सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को बिना किसी अनुभव के मौका दिया जाएगा? 
उन्होंने कहा, ‘‘आपको खिलाड़ियों का आकलन करना होता है. आपको भविष्य पर भी नजर रखनी होती है. उन्होंने विदेशों में और मुश्किल हालात में भारत के लिए रन बनाए है.’’ 
भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण के अनुसार सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ‘असाधारण प्रतिभा’ हैं, जिनके साथ बरकरार रहने की जरूरत है लेकिन एक बार विफलता के बाद बार-बार टीम से बाहर कर दिए जाने वाले तेज गेंदबाज उमेश यादव ‘दुर्भाग्यशाली’ खिलाड़ी हैं. पिछली 17 टेस्ट पारियों में 15 विफलताओं के बावजूद राहुल को ऑस्ट्रेलिया में होने वाली टेस्ट सीरीज को देखते हुए वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में एक और मौका मिल सकता है जबकि जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा के लौटने पर उमेश को बाहर होना पड़ सकता है.

दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में उमेश के एक-एक टेस्ट के संदर्भ में अरुण ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यशाली है कि उमेश को दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में अधिक खेलने का मौका नहीं मिला. इसका कारण यह है कि जो गेंदबाज खेले उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.’’ उमेश ने हालांकि इन दो दौरों से पहले भारतीय सरजमीं पर विकेटों के मददगार नहीं होने के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया था. अरुण ने कहा, ‘‘हम उमेश को ऐसे गेंदबाज के रूप में देखते हैं जो तेज गति से गेंद कर सकता है. हमारे पास गेंदबाजों को रोटेट करने की प्रणाली भी है जिससे कि वे तरोताजा रहें और उमेश इसका हिस्सा हैं.’’ 
राहुल के लगातार कम स्कोर के बारे में पूछने पर कोच ने संकेत दिए कि उन्हें लंबी रेस के घोड़े के तौर पर देखा जा रहा है. अरुण ने कहा, ‘‘तकनीकी कमजोरी जैसा कि आप लोग समझते हैं, मुझे इसके बारे में नहीं पता लेकिन रवि शास्त्री और संजय बांगड़ ने उससे बात की है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक कोच के रूप में मुझे लगता है कि राहुल असाधारण खिलाड़ी है जिसमें असाधारण प्रतिभा है जिसके साथ बरकरार रहना चाहिए. (राहुल के रूप में) हमारे पास भविष्य के लिए बेहतरीन बल्लेबाज है.’’ अरुण ने कहा कि टीम प्रयोग करने के बारे में नहीं सोच रही.

उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रयोग करने का सवाल नहीं है लेकिन हम जिस स्थिति में हैं उसे हमें मजबूत करना चाहिए. हम मैदान पर सर्वश्रेष्ठ टीम उतारना पसंद करेंगे और मेरा मानना है कि 16 खिलाड़ियों में से कोई भी खेल सकता है.’’ अरुण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में पदार्पण करते हुए शतक जड़ने वाले पृथ्वी शॉ की तारीफ की और कहा कि सर्वश्रेष्ठ चीज ये है कि टीम प्रत्येक मैच में नई प्रतिभा के साथ उतर रही है.
भारतीय गेंदबाजी कोच ने कहा, ‘‘हम जो भी टेस्ट मैच खेल रहे हैं उसमें हम नए खिलाड़ियों के साथ उतर पा रहे हैं. जैसा कि पिछले मैच में पृथ्वी शॉ. रन से अधिक उसका पहला टेस्ट मैच खेलते हुए जिस तरह का जज्बा और धैर्य दिखाया वह शानदार रहा.’’ 

स्थानीय खिलाड़ी मोहम्मद सिराज के पदार्पण को लेकर चर्चा चल रही है लेकिन अरुण ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई. अरुण ने हालांकि सिराज को तेजी से सीखने वाला खिलाड़ी करार दिया जिसे उन्होंने तब से निखारा जब वह है हैदराबाद की रणजी टीम के कोच थे. इस बीच कप्तान विराट कोहली ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि यह वैकल्पिक था.