छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में टिकट मिलने की मंशा और जीत की लालसा रखने वाले नेता फिलहाल  काफी बैचेन है. टिकट मिलने की अपनी इच्छा को पूरा करने के लिए नेता कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं. टिकट वितरण के आखिरी दौर में नेताओं को अब देवी मां का ही सहारा है.

अक्सर इंसान के पास अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए भगवान के दरबार में हाजिरी लगाने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं होता. ठीक ऐसा ही हाल इन दिनों गरियाबंद में टिकट मिलने की मंशा रखने वाले नेताओं की है.

टिकट के लिए पार्टी में हाथ-पैर मारने के बाद भी जब इन नेताओं को टिकट का आश्वासन नहीं मिला, तो वे अब देवी मां के दरबार में पहुंच गए हैं. बता दें कि गरियाबंद जिले की दोनों विधानसभा (राजिन और बिंद्रानवागढ़) के लिए दर्जनों नेता चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक हैं. फिर चाहे बात बीजेपी या कांग्रेस की हो या फिर दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों की. सभी पार्टियों में इन दिनों टिकट को लेकर मारामारी चल रही है.

फिलहाल, अभी तक कहीं से भी किसी को टिकट का आश्वासन नहीं मिल पाया है. ऐसे में अब जिले के इन तमाम नेताओं ने जतमई और घटारानी देवी मंदिर में दीप प्रज्वलित कर देवी मां से अपनी मनोकामना पूरी होने की मन्नत मांगी है.

इलाके की जनता ने नेताओं को आड़े हाथों लिया है. जनता ने नेताओं को ये समझाने की कोशिश की है कि अगर उन्होंने 5 साल तक जनता के दुख-दर्द में हिस्सा लिया होता तो आज उन्हें टिकट के लिए ये दुख-दर्द नहीं झेलना पड़ता.

बहरहाल, लोकतंत्र में जनता जनार्दन है. आखिर में जीत के लिए नेताओं को जनता के दरबार में जाना ही पड़ेगा. ऐसे में नेताओं की धार्मिक स्थलों पर जाकर जीत की दुआ मांगना कितना कारगर साबित होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.