मां बनना दुनिया के सबसे सुखद एहसासों में से एक है लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चा दोनों की बेहतर सेहत के लिए बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में अगर आप भी मां बनने वाली हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें। हाल ही में हुई एक स्टडी में बताया गया है कि वे महिलाएं जो प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामॉल का सेवन करती हैं, उनके होने वाले बच्चे का IQ कम होने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामॉल लेने से बच्चे में ऑटिज्म और ADHD जैसी बीमारियों का भी खतरा रहता है। 

यूट्रस में मौजूद हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है 
हार्वर्ड समेत अमेरिका की कई यूनिवर्सिटीज ने करीब 1 लाख 50 हजार मांओं और बच्चों से जुड़ी 9 स्टडीज का परीक्षण किया जिसके बाद अनुसंधानकर्ताओं का दावा था कि पैरासिटामॉल जिसे एस्टामिनोफिन भी कहते हैं लेने से यूट्रस में मौजूद हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। एक स्टडी में पाया गया कि वैसी मांएं जिन्होंने फीवर के बिना सिर्फ दर्द से बचने के लिए पैरासिटामॉल का सेवन किया उनके 5 साल के बच्चों के IQ में 3 पॉइंट की कमी देखी गई। वहीं एक दूसरी स्टडी में पैरासिटामॉल का सेवन और बच्चों के देर से बोलने के बीच भी संबंध पाया गया। 
बच्चे में ऑटिज्म और ADHD का रिस्क अधिक 
यरूशलम के हीब्रू यूनिवर्सिटी के डॉ इलैन मटोक के नेतृत्व में हुई स्टडी में 3 से 11 साल के बीच के 1 लाख 32 हजार 738 मां और बच्चों के जोड़ों की जांच की गई। इस रिसर्च के दौरान लंबे वक्त तक पैरासिटामॉल का इस्तेमाल और बच्चे में ऑटिज्म और ADHD बीमारी का रिस्क होने के बीच निश्चित तौर पर लिंक पाया गया। अनुसंधानकर्ताओं द्वारा खोजे गए ये नतीजे जर्नल ऑफ हॉर्मोन्स ऐंड बिहेवियर में प्रकाशित हुए जिसमें कहा गया कि 'प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामॉल का लंबे वक्त तक इस्तेमाल यानी होने वाले बच्चे में बीमारी का खतरा अधिक।'