पणजी । देश के पूर्व रक्षामंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर को देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजे जाने की मांग उठने लगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय गोवा के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अगले वर्ष के लिए दिवंगत पर्रिकर का नाम भारत रत्न के लिए भेजने की तैयारी है। हालांकि गोवा सीएमओ की तरफ से इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मालूम हो कि 63 वर्षीय पर्रिकर लंबे समय से कैंसर से गंभीर तौर पर जूझ रहे थे। कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद वह अंतिम समय तक वह ऑफिस के कार्यों में लगातार जुटे रहे। पर्रिकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए खुद पीएम मोदी ने कहा था, 'पर्रिकर आधुनिक गोवा के निर्माता थे। उनके मिलनसार व्यक्तित्व और हर किसी से मिलने के स्वभाव के चलते वह सालों से प्रदेश के सबसे बड़े नेता थे। जनहित की उनकी नीतियों ने गोवा की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम किया।'
गोवा के पूर्व सीएम पर्रिकर ने रक्षा मंत्री रहते हुए भी कई उल्लेखनीय काम किए। उनके कामों को याद करते हुए पिछले दिनों पीएम ने कहा था, भारत रक्षा मंत्री के तौर पर उनके (पर्रिकर) कार्यकाल का आभारी रहेगा। उनके रक्षा मंत्री रहते हुए भारत सुरक्षा को लेकर कई अहम फैसलों का गवाह बना। पूर्व रक्षाकर्मियों के जीवन की बेहतरी के लिए उन्होंने काम किया था। आईआईटी मुंबई से शिक्षित होने से लेकर गोवा के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और फिर गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर अंतिम समय तक अपने कर्तव्य पथ पर जुटे रहने वाले पर्रिकर आम आदमी के असली पोस्टर बॉय थे। यही वजह है कि गोवा सीएमओ ने भारत रत्न के लिए उनका नाम भेजने का निर्णय लिया है।