केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जब अपने आखिरी बजट में देश के 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 6000 रुपये देने का ऐलान किया, तो इसे आम चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा था. लेकिन अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यूनतम आय योजना यानी 'न्याय' के तहत देश के सबसे गरीब 25 करोड़ लोगों की मासिक आय 12000 रुपये करने का ऐलान किया है. इस योजना का नाम 'न्याय' रखा गया है, जिस पर कुल 3.60 लाख करोड़ खर्च होंगे.

गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी कर्जमाफी के नाम पर किसानों के बीच खैरात बांटने का वायदा करती है. लेकिन उनकी सरकार देश के किसानों के सम्मान में एक साल 75000 करोड़ यानी 10 साल में 7.5 लाख करोड़ खर्च करेगी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी रैलियों में न्यूनतम आय की गारंटी की घोषणा करते हुए कहा था कि ऐसी योजना पूरी दुनिया में नहीं है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार हर किसान को रोजाना 3.50 रुपये दे रही है. लेकिन कांग्रेस पार्टी जो वायदा करने जा रही है इसके तहत देश के सबसे गरीब 5 करोड़ परिवार यानी 25 करोड़ लोगों की मासिक आमदनी 12000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है. राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने मनरेगा के तहत 14 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला. अब हमारी आने वाली सरकार 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालेगी और यह देश की गरीबी पर अंतिम प्रहार होगा.

आईए नजर डालते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान सम्मान निधि योजना और राहुल गांधी की न्यूनयतम आय गारंटी योजना की प्रमुख बातों पर-

 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि:

1. देश में 2 हेक्टेयर यानी 5 एकड़ तक की जोत वाले किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिलेगा.

2. देश में छोटे और सीमांत किसानों की संख्या 12 करोड़ है.

3. पीएम किसान योजना के लिए बजट में 75000 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है.

4. पीएम किसान योजना के तहत पंजिकृत किसानों को 6000 रुपये सालाना मिलेंगे.

5. यह राशि 2000 रुपये की 3 किस्तों में सीधे किसानों के खाते में दी जाएगी.

कांग्रेस की न्यूनतम आय गारंटी योजना:

1. देश के सबसे गरीब 5 करोड़ परिवार यानी 25 करोड़ लोगों को न्याय योजना का लाभ मिलेगा.

2. योजना के तहत हर व्यक्ति की न्यूनतम आय 12000 रुपये प्रतिमाह करनी है.

3. मतलब अगर किसी व्यक्ति की आय 6000 रुपये प्रतिमाह है, तो सरकार अपनी तरफ से उस व्यक्ति को 6000 रुपये और देगी.

4. देश के 20 फीसदी लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा.

5. अनुमान के मुताबिक इस योजना पर लगभग 3.60 लाख करोड़ का खर्च आएगा.

6. एक बार किसी व्यक्ति की मासिक आय 12000 रुपये पहुंच गई तो योजना का लाभ मिलना खुदबखुद बंद हो जाएगा.