क्रिकेट मैच में आपने बैट्समेन को रनर का उपयोग करते तो कई बार देखा होगा लेकिन चुनाव में रनर का उपयोग शायद ही कहीं देखा हो.लेकिन रतलाम के लोकसभा चुनाव में पहली बार रनर का उपयोग किया जाएगा.

दरअसल रतलाम के आदिवासी अंचलों में मोबाइल नेटवर्क की खासी समस्या है |ऐसे में इन पोलिंग बूथों पर प्रशासन को रनर नियुक्त करना पड़ा है. ये रनर बाइक से नेटवर्क क्षेत्र में जाकर प्रशासन को हर 2 घंटे का पोलिंग प्रतिशत बताएंगे.
लोकसभा चुनाव में यह पहली बार है जब मतदान केन्द्रों पर रनर की मदद ली जा रही है. इसके पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में भी इन रनर्स की मदद ली गयी थी. जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 221 में ऐसे 13 बूथ हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिल पता है. इन 13 शेडो पोलिंग बूथ से करीब 200 से 300 मीटर की दूरी पर नेटवर्क मिलता है. इस समस्या से निपटने के लिए जिला निर्वाचन ने हर पोलिंग बूथ पर 2 -2 - रनर तैनात किए हैं जो पोलिंग प्रतिशत की जानकारी देंगे. हालांकि इन शेडो बूथ पर वायरलेस की भी व्यवस्था की गयी है.
सैलाना विधानसभा क्षेत्र के चन्देसरा, बेडदी, पाटड़ी, खान्दन , कागलीखोरा , संदला, सालरडोज़ा, धवड़ादेह, खेरदा , बजरंगगढ़, मानपुरा , जानकरा, में लोकसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने रनर नियुक्त कर दिए हैं.