नई दिल्‍ली: एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत मिस्‍ट्री बनती जा रही है. मौत के मामले की जांच में पता चला है कि रोहित शेखर तिवारी के पास दो मोबाइल नंबर थे. दोनों की कॉल डिटेल्स के मुताबिक शेखर का एक फोन 15 तारीख को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर बंद हो गया था और दूसरा फोन 15 तारीख के रात 9 बजकर 30 मिनट के आसपास. हालांकि इसकी वजह डिफेंस कालोनी में नेटवर्क न होना भी हो सकता है. इसके बाद सुबह एक नंबर पर 11 बजे यानी 16 अप्रैल को एक कंपनी का मैसेज आया जो मोबाइल कंपनी का होता है.

खास बात यह है कि रात 3 बजे से 4 बजे के आसपास शेखर के नंबर से किसी को फोन करने की कोशिश की गई पर वो फोन लगा नहीं. यह बात भी सामने आ रही है. वहीं रोहित शेखर की पत्‍नी अपूर्वा का मोबाइल भी 15 अप्रैल की शाम करीब 7 बजकर 30 मिनट पर बंद हो गया था. इसकी वजह डिफेंस कालोनी इलाके में नेटवर्क न होना भी हो सकता है. इसके बाद अगले दिन 16 अप्रैल सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर फोन ऑन हुआ. सुबह एक फोन अपूर्वा ने दिल्ली से बाहर किया. 

वहीं रोहित की मां उज्जवला का कहना है कि अपूर्वा और उसके परिवार की नजर हमारी प्रॉपर्टी पर थी. अपूर्वा का ये कहना कि रोहित का उसके कजन की वाइफ के साथ गलत रिश्ते थे, ये बात बिल्कुल गलत है. राजीव एनडी तिवारी के ओएसडी रहे हैं और हमारे रिश्तेदार भी. वह पिछले 20 साल से हमारी सेवा कर रहे थे. उनकी पत्नी भी बहुत सेवा करती थी. उसके साथ मेरे बेटे के कोई गलत रिश्ते नहीं थे. राजीव और उसकी पत्नी मेरे साथ तिलक लेन के घर रहते है.

उन्‍होंने कहा कि मेरा बड़ा बेटा सिद्धार्थ अपनी प्रॉपर्टी बाद में राजीव के बेटे को देना चाहता था. इस बात पर भी अपूर्वा को आपत्ति थी. वो चाहती थी कि सारी प्रॉपर्टी उसकी हो. अपूर्वा का परिवार बहुत तंग करता था. रोहित और अपूर्वा की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट के जरिये हुई. उसके बाद इन्होंने शादी करने का फैसला किया था.

जांच में पता चला है कि वहीं राजीव और उसकी पत्नी कुमकुम भी शेखर के साथ उत्तराखण्ड गए थे. जिसको लेकर शेखर की पत्नी खफा थी. डिफेंड कॉलोनी के उस घर से झगड़े की दो बार पीसीआर कॉल हुई है. अब तक घर के किसी सदस्य को क्लीन चिट नहीं मिली है और न ही करीबियों को.