इन्दौर । जगदगुरू शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी श्री दिव्यानंद तीर्थ एक सहज सरल संत तो थे ही, उनकी विद्वत्ता भी वंदनीय थी। वे अपने नाम के अनुरूप जितने दिव्य थे, उतने ही सत्य स्वरूप भी थे। इंदौर के प्रति उनकी आत्मीयता में पिछले 25-30 वर्षों में कभी कमी नहीं आई। बिजासन रोड के अखंड धाम आश्रम पर उनका विशेष स्नेह जीवन पर्यंत बना रहा।  
ये कुछ भावपूर्ण विचार हैं, जो आज सुबह बिजासन रोड स्थित अखंड धाम आश्रम पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में आने वाले धर्माचार्यों एवं संतों ने व्यक्त किए। भानपुरा पीठ के शंकराचार्य जगदगुरू स्वामी दिव्यानंद तीर्थ के आकस्मिक निधन से शोकाकुल भक्तों ने इस सभा का आयोजन रखा था। सांई भक्त हरि अग्रवाल ने बताया कि महामंडलेश्वर स्वामी डाॅ. चेतन स्वरूप की अध्यक्षता में सदगुरू श्री अण्णा महाराज, महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा, महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज, रामस्नेही संप्रदाय के संत अमृतराम रामस्नेही, महंत विजयराम दास सहित अनेक संत महापुरूषों ने उनसे जुड़े प्रेरक संस्मरण भी बताए और उनके विशिष्ट गुणों को भी शिद्दत से याद किया। सभा में ब्राम्हण समाज से पं. योगेंद्र महंत, पूर्व पार्षद देवकृष्ण सांखला, हंसदास मठ से पं. पवन शर्मा, श्रद्धा सुमन सेवा समिति से मोहनलाल सोनी, माहेश्वरी समाज से गोविंद मालू, अग्रवाल समाज से अरविंद बागड़ी, जैन समाज से पार्षद दीपक जैन, विनय जैन, क्षत्रिय राजपूत समाज से ठा. विजयसिंह परिहार, गौ सेवा भारती से योगेश होलानी, खंडेलवाल समाज से राजेंद्र कूलवाल, स्वर्णकार समाज से संजय सोनी, केंद्रीय सांई सेवा समिति से रज्जू पंचोली एवं प्रदीप यादव, पार्षद चंगीराम यादव, सुश्री किरण ओझा, गोविंद अग्रवाल, राजेंद्र गर्ग, श्याम अग्रवाल जिंसी, कमलेश मिश्रा, दीपक चाचर, मुकेश जायसवाल आदि ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि समर्पित की। संचालन किया सांई भक्त हरि अग्रवाल ने और आभार माना आश्रम के स्वामी दुर्गानंद ने। प्रारंभ में स्वामी राजानंद एवं साथियों ने रामधुन एवं ओम नमः शिवाय महामंत्र का संकीर्तन प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य भक्त भी उपस्थित थे जो पुष्पांजलि समर्पण करते हुए रो पड़े। उल्लेखनीय है कि जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ दिसंबर अंतिम सप्ताह में अखंड धाम पर आयोजित 51वें अ.भा. अखंड वेदांत संत सम्मेलन में पधारे थे और अगले वर्ष पुनः आने का वादा भी किया था लेकिन कल उनके महाप्रयाण की खबर ने इंदौर के भक्तों को स्तब्ध कर दिया।