पटनाः बिहार में बीते दो चरणों की वोटिंग महागठबंधन के मुताबिक नहीं हुई है. हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने इस बात को खुलकर स्वीकार किया है. मांझी ने कहा है कि ईवीएम में गड़बड़ी के कारण इस तरह के हालात पैदा हुए हैं. हालांकि मांझी ने शुरुआती दोनों चरणों में महागठबंधन की जीत का दावा भी किया है. लेकिन जीत की मार्जिन जितनी होनी चाहिए उतनी नहीं हो सकेगी ये भी कहा है.

दो चरणों के चुनाव के बाद महागठबंधन ने सोमवार को ज्वाईंट प्रेस कान्फ्रेंस कर एकजुटता दिखाने की कोशिश की. कोशिश ये भी थी कि बाकी बचे चरणों के चुनाव के लिए पब्लिक में महागठबंधन के फेवर में अच्छे मैसेज जाएं. वहीं, जीतन राम मांझी के एक बयान ने यह साफ कर दिया कि महागठबंधन को और जोर लगाने की जरुरत है. क्योंकि बीते दो चरणों में हुई वोटिंग महागठबंधन के फेवर में नहीं गयी है.
चुनाव प्रचार से लौटने के बाद जीतन राम मांझी ने ये उम्मीद जतायी कि बीते दो चरणों के मुकाबले तीसरे चरण में महागठबंधन की स्थिती और बेहतर रहेगी. जीतन राम मांझी ने ये दावा किया कि पहले दो चरणों के चुनाव में वो जीत रहे हैं. लेकिन साथ ही साथ यह भी कह दिया कि ईवीएम की गड़बड़ी और छठ पर्व होने की वजह से उनके 10 फीसदी वोटर वोट डालने से वंचित रह गये. जीतन राम मांझी ने उम्मीद जतायी कि ईवीएम के मसले पर चुनाव आयोग गंभीरता से विचार करेगा.

इधर तेजस्वी यादव ने मंगलवार को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव में महागठबंधन को अच्छी बढ़त मिलने का दावा किया है. वहीं, बीजेपी ने जीतन राम मांझी के बयान को बड़ा हथियार बना लिया है. पार्टी के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा है कि जीतन राम मांझी का बयान महागठबंधन की हार को दर्शा रहा है. विपक्ष के लोग जीतते हैं तो उन्हें ईवीएम ठीक लगता है. लेकिन जब उनकी हार होने लगती है तो वो ईवीएम पर सवाल उठाने लगते हैं. पूरे बिहार में मोदी लहर चल रही है. चुनाव के बाद महागठबंधन पूरी तरह बिखर जाएगा.