नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव में भोपाल संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादित बयानों से जहां एक और हंगामा खड़ा हो गया। वहीं 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर उनके बयान पर आक्रोश थमा नहीं है। मुंबई पुलिस की नाराजगी के बाद अब लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा है कि अगर किसी शहीद के बारे में इस तरह के बयान आते हैं तो बहुत दुख होता है, फिर चाहे शहीद पुलिस फोर्स से हो या सेना से। इस तरह के बयान आना ठीक नहीं है। वह हुड्डा ही थे, जिनकी अगुवाई में 2016 में पीओके आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। 
बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में शहीद पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के बारे में विवादित बयान देते हुए कहा था, 'मैंने उनको सर्वनाश होने का श्राप दिया था।' साध्वी का आरोप था कि करकरे ने उन्हें बहुत यातना दी। दरअसल, प्रज्ञा 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर चल रही हैं। इस मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में हुई थी। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमले किए थे। उसी दौरान करकरे और मुंबई पुलिस के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हो गए थे। इस बयान को लेकर काफी किरकिरी के बाद साध्वी ने माफी मांग ली थी लेकिन अब 'राम मंदिर निश्चित रूप से बनाया जाएगा। यह एक भव्य मंदिर होगा' के बयान को लेकर घिर गई हैं। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को चुनाव आयोग की तरफ से एक और कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।