मुंबई । देश की निजी हवाई सेवा जेट एयरवेज का कामकाज बंद होने से भारतीय विमानन क्षेत्र की क्षमता में आई कमी हो गई जिसकी पूर्ति के लिए एविएशन कंपनियां इस वित्त वर्ष में 150 प्लेन अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही हैं। इनमें से ज्यादातर का इस्तेमाल डोमेस्टिक रूट्स यानी देश के अंदर उड़ान सेवा देने के लिए होगा। पहले कंपनियों ने इस साल 80 प्लेन अपने बेड़े में जोड़ने की योजना बनाई थी। प्लेन की कमी के चलते फ्लाइट्स कैंसल किए जाने के मामले बढ़े हैं और किराया बढ़ा है। इसके बाद सरकार को दखल देना पड़ा और वह किराये को काबू में रखने के उपाय तलाश रही है। जेट के पास सबसे अधिक 119 एयरक्राफ्ट थे। इस वित्त वर्ष में सबसे अधिक 50 प्लेन इंडिगो जोड़ेगी। विस्तारा, एयरएशिया इंडिया और स्पाइसजेट भी पहले की योजना से अधिक एयरक्राफ्ट जोड़ने की तैयारी कर रही हैं, जबकि गो एयर 13 नए प्लेन अपने बेड़े में शामिल करेगी। इंडिगो को नए प्लेन तय समय पर मिल जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया, ‘इस वित्त वर्ष में हमें हर हफ्ते एक प्लेन मिलेगा।’
स्पाइसजेट अपनी क्षमता आक्रामक ढंग से बढ़ा रही है। उसने 27 प्लेन को बेड़े में शामिल करने का ऐलान किया था। इनमें पांच बॉम्बार्डियर क्यू400 एयरक्राफ्ट होंगे। इनके अलावा कंपनी 23 और एयरक्राफ्ट जोड़ने जा रही है। इससे वित्त वर्ष 2020 में कंपनी के बेड़े में 50 नए प्लेन शामिल होंगे। वह अभी सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण 13 बोइंग 737 मैक्स प्लेन का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। इन प्लेन पर दुनियाभर में बैन लगा हुआ है। कंपनी को इसकी भी भरपाई करनी होगी। एक एयरलाइन एग्जिक्यूटिव ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘हम बोइंग 737 एनजी प्लेन पट्टे पर ले रहे हैं, जिनका पहले जेट एयरवेज इस्तेमाल कर रही थी। जेट के उनका किराया नहीं दिया था, इसलिए लीज पर प्लेन देने वाली कंपनियों ने उन्हें वापस ले लिया था। ये प्लेन काफी जल्द बेड़े में शामिल किए जा सकते हैं।’