नई दिल्ली, पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक इस्टेट (आईएस) ने ली है. रॉयटर्स ने अमाक न्यूज एजेंसी के हवाले से इस खबर की पुष्टि की. इस हमले में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. मंगलवार को इस धमाके में मरने वालों का आंकड़ा 300 तक पहुंच गया है. रविवार को ईस्टर के मौके पर देश में 8 जगहों पर सिलसिलेवार रूप से बम धमाके हुए थे.
धमाके में मरने वालों में 10 भारतीय भी शामिल हैं. 300 में से कुल 45 लोग विदेशी हैं, जिनकी मौत हुई है. श्रीलंका में आज संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, इस सत्र में मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. आज ही देश में शोक दिवस भी मनाया जा रहा है.
आपको बता दें कि जिन 10 भारतीयों की इस आतंकी हमले में मौत हुई है, उसमें कर्नाटक के रहने वाले दो जेडीएस कार्यकर्ता भी शामिल हैं. कर्नाटक के सीएम एच.डी. कुमारस्वामी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि उनके 8 कार्यकर्ता श्रीलंका में लापता हैं, जिसमें से 2 की मौत की पुष्टि की जा चुकी है.

गौरतलब है कि ईस्टर त्योहार के मौके पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो, कैंडी समेत कई शहर में कुल 8 धमाके हुए थे. घायलों की संख्या 500 के करीब बताई जा रही है. श्रीलंका ने इस हमले को एक बड़ी चूक माना है और इसके लिए विदेशी आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है. श्रीलंका की सरकार की ओर से इस हमले का जिम्मेदार श्रीलंकाई मुस्लिम ग्रुप नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को ठहराया गया है.

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने इस बीच घोषणा की वे दूसरे देशों से सहयोग चाहते हैं 'क्योंकि खुफिया रिपोर्ट ने स्थानीय आतंकवादियों के साथ ही विदेशी आतंकवादियों के शामिल होने की बात कही है.'

बता दें कि रविवार को हमला होने के बाद सोमवार को भी खतरा बरकरार रहा. पेट्टा के मुख्य बस स्टेशन पर सोमवार को 87 डोटेनेटर पाए गए थे, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था. इसके अलावा हवाई अड्डे के पास भी एक जिंदा बम मिला था.