नई दिल्ली । टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी 37 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस बनाये हुए हैं। उम्र बढ़ने के बाद भी धोनी ने विकेटकीपर के साथ ही बल्लेबाज और कप्तान के रुप में अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई है। आंकड़े पर नजर डालें तो धोनी अपने करियर के अंतिम दौर में और भी निखरते जा रहे हैं। उम्र का उनकी रफ्तार और तेजी पर ज्यादा असर नहीं दिखता है। विकेटकीपिंग में अभी भी वह विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं, बल्लेबाजी में भी उनके जैसा फिनिशर अभी दूसरा नहीं है जहां तक कप्तानी की बात है उसमें वह शीर्ष पर बने हुए हैं। 
फिर 2018 आईपीएल में धोनी ने शानदार कप्तानी और बल्लेबाजी के बल पर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। तब धोनी ने 16 मैचों में 455 रन बनाए थे। वहीं ताजा सीजन की बात करें तो अबतक हुए 9 मैचों में ही उन्होंने 314 रन बना दिए हैं बैंगलोर के खिलाफ धोनी ने 84 रनों की आक्रामक पारी खेलकर दिखा दिया कि अभी उनका समय निकला नहीं है। धोनी की इसी खूबी के कारण विश्व कप के लिए भी उनका चयन किया गया है। चयनकर्ताओं का भी मानना है कि धोनी जैसा दूसरा कोई विकेटकीपर अभी विश्व में नहीं है। इसके अलावा वह अहम अवसरों पर टीम को संभाल सकते हैं, धोनी के पास कप्तानी का लंबा अनुभव है जिसका लाभ भी विश्वकप में कप्तान विराट कोहली को मिलेगा।