इंदौर। किसानों को उनकी उपज की दो लाख तक की राशि नकद देने के विवाद में शहर की छावनी और लक्ष्मीबाई अनाज मंडी में आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। नकद भुगतान को लेकर मंडी प्रशासन और व्यापारी आमने-सामने हो गए हैं। इधर मंडी प्रशासन ने किसानों को भी कहा है कि हड़ताल के चलते अपनी उपज बेचने मंडी न आएं। 
हाल ही में भोपाल में मंडी बोर्ड की हुई बैठक में तय किया गया था कि प्रदेश की २५० से अधिक मंडियों में किसान अपनी उपज बेचने आते हैं, जिसके एवज में उन्हें दो लाख तक की राशि नकद दी जाए। आदेश जारी होते ही व्यापारियों ने इसका विरोध क दिया और कहा कि दो लाख तक की नकद राशि का भुगतान करने पर उन्हें कई तरह की परेशानियां आएंगी। खासकर आयकर विभाग उनकी घेराबंदी कर लेगा। व्यापारियों ने दो लाख के बजाय ५० हजार तक की राशि नकद देने की बात भी मंडी के अधिकारियों से की। नकद राशि के भुगतान को लेकर मंडी अधिकारियों और व्यापारियों के बीच चर्चाओं का दौर चला, मगर इसी के चलते मंडी बोर्ड ने स्वयं मंडियों को बंद करने का निर्णय लिया। आज से छावनी और लक्ष्मीबाई मंडी में हड़ताल शुरू हो गई है। मंडी सचिव सतीश पटेल के अनुसार हड़ताल के चलते किसानों को परेशानी न आए, इसके लिए पूर्व में ही सूचना जारी कर दी गई थी कि वे अपनी उपज बेचने मंडी न आएं।