मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के नागरिकों का आव्हान किया है कि इस मानसून में प्रदेश को हरा-भरा बनाने का संकल्प लें। हर नागरिक अपने आस-पास एक पौधा ज़रूर लगाए और उसे वृक्ष बनाने तक की जिम्मेदारी भी ले। उन्होंने वन विभाग सहित सभी विभागों से वृहद पौध-रोपण अभियान चलाने और उनके संरक्षण की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि लगाये गये पौधों का हर साल सोशल आडिट भी हो। पौध-रोपण अभियान सिर्फ़ आँकड़ों की बाज़ीगरी तक ही सीमित ना हो।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि हमारा पर्यावरण जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उसका सबसे बड़ा कारण वृक्षों का कटना और नए वृक्षों का नहीं लग पाना है। आज वृक्षों की कटाई के कारण हमें तापमान में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर मानसून में पौध-रोपण की रस्म अदायगी न होकर हमें अपने पर्यावरण और भावी पीढ़ी के भविष्य की चिंता करते हुए वास्तविक रूप से पौध-रोपण अभियान से जुड़ना होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में जितने वृक्ष लगाना बताए गए हैं, उनमें नर्मदा नदी के किनारे हुआ पौध-रोपण भी शामिल है। अगर ये पौधे सच्चे अर्थों में लगाए गए होते, तो आज हमारा प्रदेश पूरे देश में पर्यावरण के मामले में श्रेष्ठ और हरा-भरा प्रदेश होता। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक को अपने प्रदेश और भावी पीढ़ी के भविष्य की चिंता करना होगी।

हरा प्रदेश-कूल प्रदेश का संकल्प लें

मुख्यमंत्री नाथ ने कहा है कि सरकार ने निर्णय लिया है कि सड़कों के निर्माण के टेंडर के साथ ही सड़क के दोनों और पेड़ लगाने का भी प्रावधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वन विभाग सहित निर्माण से जुड़े सभी विभागों और विशेषकर कृषि, ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित अन्य विभागों को व्यापक पैमाने पर वर्षा ऋतु के दौरान पौध-रोपण अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं को वृक्षों के महत्व और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक बनाने के लिये अभियान चलाया जाये,ताकि वे पौध-रोपण और वृक्षों की सुरक्षा के लिए संकल्पित हो सकें।

मुख्यमंत्री ने पौध-रोपण अभियान में जन-भागीदारी के साथ ही सभी जन-प्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे भी अपने-अपने स्तर पर वृहद पौध-रोपण करें। लोगों को प्रेरित करें। हर जन-प्रतिनिधि पौध-रोपण करे और उन्हें वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी ले। तभी हमारा हरा प्रदेश- कूल प्रदेश का संकल्प पूरा होगा।