जबलपुर। मानसून गोवा तक पहुंच गया है। बंगाल होते हुये अगले 72 घंटों में उड़ीसा पहुंचेगा और उसके 48घंटों बाद मानसून मध्यप्रदेश पहुंच सकता है। फिलहाल उमस भरी गर्मी से जनजीवन हलाकान है तापमान भले ही नीचे आ गया लेकिन गर्मी के तेवर अभी भी तीखे बने हुये है उसकी वजह हवा में बढ़ती नमी और धूप का निकलना बताया जा रहा है। फिलहाल गर्मी से राहत के आसार एक हफ्ते तक नहीं नजर आ रहे है। लोकल बादल से छुटपुट वर्षा हो सकती है। शुक्रवार के भी मौसम शुष्क रहा। हवा में नमी बढ़ी लेकिन उमस भड़क उठी। 
गोवा पहुंचा मानसून.............
मौसम वैज्ञानिक ए.के.दत्ता ने बताया कि मानसून गोवा पहुंच चुका है और अगले 48 घंटों में बंगाल से होते हुये अगले ७२ घंटों में उड़ीसा को टच करेंगा। उसके दो दिन बाद लगभग  25-26 जून से मानसून मध्यप्रदेश में सक्रिय होगा।   मौसम विभाग के अनुसार अगले २४ घंटों के दौरान संभाग के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ पानी की बौछारें पड़ सकती हैं।
    स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रवक्ता के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के बाद समूचे पूर्वी मध्यप्रदेश में हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र बन गया है। प्री मानसूनी बादल आ गये हैं, लेकिन अभी बादल फुलफार्म पर नहीं आ पाए हैं। अगले ४८ घंटों के दौरान बादल गरज चमक के साथ बरस सकते हैं। उमस बढ़ने से बारिश के आसार भी बन गये हैं। पिछले २४ घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान ३८.५ डिग्री सेल्सियस सामान्य से ४ डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान २६.०८ डिग्री सेल्सियस सामान्य से २ डिग्री अधिक रिकार्ड किया गया। हवा में नमी प्रातःकाल ५३ प्रतिशत और सायंकाल ३३ प्रतिशत आंकी गई। उत्तरी हवाएं ६ किलो मीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से चलीं। गत वर्ष आज के दिन अधिकतम तापमान ३८.८ और न्यूनतम तापमान २५.४ डिग्री दर्ज किया गया था। १ जून से अब तक कुल वर्षा ३३.८ मिमी.दर्ज की जा चुकी है पिछले चार दिनों से वर्षा नहीं हुई है। अगले २४ घंटों के दौरान संभाग के कुछ स्थानों पर छुटपुट वर्षा हो सकती है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ४० डिग्री तापमान खजुराहो और नौगाव में दर्ज हुआ।