जबलपुर । क्षिप्रा, नर्मदा न्यास के अध्यक्ष बनने के बाद कम्प्यूटर बाबा काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। शनिवार को वे नरसिंहपुर और जबलपुर जिले में स्थित नर्मदा की तराई वाले गांवों में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कम्प्यूटर बाबा ने नर्मदा नदी के घाटों पर संग्रहित रेत का स्टॉक देखा तो भड़क उठे। मौके पर आए अधिकारियों को इसके सत्यापन करने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शहपुरा, बेलखेड़ा थाना क्षेत्र से लेकर नरसिंहपुर जिले में स्थित घाटों पर बाबा ने प्रशासनिक टीम के साथ निरीक्षण किया।
जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर के सांकल घाट पर अवैध खनन और रेत स्टॉक करने की खबर को लेकर कम्प्यूटर बाबा प्रशासनिक अमले के साथ पहुंचे थे। सांकल घाट से ही नर्मदा की दूसरी छोर पर स्थित जुगपुरा घाट है, जो जबलपुर जिले की सीमा में आता है। बाबा ने सांकल घाट से ही एक पोकलेन मशीन जुगपुरा घाट के पास देख ली। इसके बाद बाबा नाव से ही जुगपुरा पहुंच गए। बाबा ने तत्काल प्रशासनिक अमले को इसकी सूचना दी। कुछ ही देर के बाद पहुंची प्रशासनिक अमले की टीम ने मौके से एक पोकलेन मशीन जब्त की है। इस मशीन को बेलखेड़ा थाने में रखा गया है।
बाबा के सामने भाग गया डंपर
कम्प्यूटर बाबा नाव से जुगपुरा घाट पहुंचे। इसी दौरान वहां से रेत भरकर एक डंपर जा रहा था। बाबा ने आवाज लगाई और डंपर चालक को रुकने के लिए कहा, लेकिन चालक हिरन नदी के पुल से होते हुए भाग निकला। बाबा के साथ पहुंचे प्रशासनिक अमले ने डंपर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन डंपर चालक भाग निकला।
कार्रवाई से हड़कंप
जुगपुरा घाट में बाबा सहित प्रशासनिक और माइनिंग विभाग की कार्रवाई की खबर लगते ही रेत माफियाओं में हड़कंप की स्थिति रही। जुगपुरा घाट में निरीक्षण करने के बाद बाबा धरती कछार, माल कछार, नीमखेड़ा, झांसीघाट, मुरकुटिया आदि गांवों में रेत खनन की स्थिति का जायजा लेने के लिए पहुंचे। कहीं भी अवैध खनन से जुड़ी कोई सामग्री नहीं मिली। कुछ स्थानों पर नाव बरामद की गई हैं। कहा जा रहा है कि इन्ही नाव के जरिए खनन किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम मृणेन्द्र सिंह, माइनिंग इंस्पेक्टर देवेन्द्र पटले, बेलखेड़ा थाना प्रभारी आसिफ इकबाल खान आदि मौजूद रहे।