नई दिल्ली। कैबिनेट और आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक सोमवार को संसद भवन की नई इमारत में होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को और ताकतवर बनाने के लिए नया संशोधन अधिनियम मंजूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार दो कानूनों में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। ताकि भारतीयों और विदेश में भारतीयों के हितों के खिलाफ आतंकी कानूनों के तहत जांच की मंजूरी मिल सके।

सूत्रों के अनुसार इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट सोमवार को एनआइए एक्ट और गैर कानूनी गतिविधियों (बचाव) अधिनियम में संशोधन को पेश करेगी। इसके बाद संशोधन बिल चालू मानसून सत्र में इसी हफ्ते पेश भी कर दिया जाएगा। इस संशोधन से एनआइए को साइबर अपराधों और मानव तस्करी से जुड़े मामलों की जांच की भी अनुमति मिल जाएगी।

यूएपीए के अनुच्छेद-4 में संशोधन से एनआइए को उन संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ भी सीधी कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाएगा जो आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं। फिलहाल एनआइए केवल घोषित आतंकी संगठनों के खिलाफ ही जांच कर सकता है। उल्लेखनीय है कि मुंबई के आतंकी हमले में 166 लोगों के मारे जाने के बाद वर्ष 2009 में एनआइए का गठन किया गया था।
इसके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट एनआरआइ की प्रॉक्सी वोटिंग के लिए संसद में नए सिरे से एक बिल पेश करने पर भी विचार करेगी। ऐसा ही एक बिल पिछले महीने 16वीं लोकसभा के भंग होने के साथ खत्म हो चुका है। सरकारी सूत्रों के अनुसार कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित इस ताजा बिल पर विचार किया जाएगा।

इस विधेयक से भारत में मतदान करने का हक रखने वाले विदेश में रहे रहे भारतीय के लिए एक प्रॉक्सी वोटर को नियुक्त किया जाएगा। वह विदेश में रह रहे भारतीय की ओर से उसके संसदीय या विधानसभा क्षेत्र में मतदान करेगा। फिलहाल मौजूदा प्रावधानों के तहत विदेश में बसे भारतीय अपने संसदीय क्षेत्रों में जहां वह पंजीकृत हैं खुद आकर मतदान कर सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुमान के अनुसार पूरे विश्व में करीब 3.10 करोड़ एनआरआइ रहते हैं। चुनाव आयोग की विशेषज्ञ समिति ने वर्ष 2015 में ही इसका कानूनी खाका कानून मंत्रालय को संशोधन के लिए भेजा था। अनाधिकृत आंकड़ों के मुताबिक अत्यधिक विदेशी पूंजी खर्च हो जाने के कारण केवल दस हजार से 12,000 एनआरआइ ही भारत आकर मतदान कर पाते हैं।

कैबिनेट बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रसायन व उवर्रक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत चार अन्य मंत्री भी शामिल होंगे।