कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले अभिषेक बनर्जी ने जय श्रीराम बोले जाने के मुद्दे पर निशाना साधते हुए विवादित बयान दिया है. उन्‍होंने सोनारपुर में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई जय श्रीराम का नारा लगाए तो उसको मिठाई खिलाइए और जवाब में राम नाम सत्‍य है बोलिए. 

डायमंड हार्बर से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सोनारपुर में अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी व्‍यक्ति विकास से वंचित नहीं हो यानी हर व्‍यक्ति को चाहे वो सीपीएम को हो या बीजेपी का या किसी भी पार्टी का क्‍यों न हो, उन सबको सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. इसके साथ ही अभिषेक ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया कि वह हिंसा का रास्‍ता अपना रही है. भाजपा धर्म के नाम पर बंगाल को अलग करने की कोशिश कर रही है.
इसके बाद उन्‍होंने दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर थाना इलाके में स्थित जय हिन्द स्टेडियम में अपने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के लिए सरकार की तरफ से जो पैसा मुहैया कराया गया है, उसे सही तरीके से जनता के हाथ में देना होगा. पार्टी के कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि चोरी करके वो लोग बच जाएंगे और दिल्ली में जाकर खुद को बचाने की कोशिश करेंगे और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. अगर इन लोगों ने सरकारी पैसों की हेरफेर की तो इनमें से कोई भी बच नहीं पाएगा.

'जहां रबींद्र संगीत से काम बनेगा, वहां रबींद्र संगीत बजाना होगा'
इसके साथ ही अभिषेक ने यह भी साफ़ कर दिया कि अगर पार्टी किसी को भी प्रत्याशी बताती है तो उसको उसको समर्थन करना ही होगा. अगर आप उसको नापसंद करते हों तब भी ऐसा करना होगा. अगर किसी को कोई शिकायत है तो पार्टी सुप्रीमो से बात कर सकता है. अगर उसके खिलाफ आरोप सही साबित हुए तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा.

उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिसे जो भाषा समझने में आती है उसे उसी भाषा में समझाओ. जहां रबींद्र संगीत से काम बनेगा, वहां रबींद्र संगीत बजाना होगा और जहां इससे काम नहीं होगा वहां DJ बजाने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा. उन्‍होंने कहा कि दंगा करके तृणमूल को रोक नहीं सकते. उन्‍होंने दंगा करने वालों को घर में ताला-चाबी लगाकर बंद कर देने की धमकी भी दी.
उन्‍होंने भाटपाड़ा में हिंसा के लिए बीजेपी पर आरोप लगाए. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाटपाड़ा का सांसद बीजेपी का है, विधायक बीजेपी का है, म्युनिसिपेलिटी भी बीजेपी की, उसके बाद भी इतनी हिंसा क्यों? अगर तृणमूल की जीती जगहों पर हिंसा करने की कोशिश की तो सख्त कार्यवाही की जाएगी और अगर ज़रूरत पड़ी तो अपना खून बहाकर भी उनको रोकेंगे.