नई दिल्ली । भारतीय हॉकी टीम की 19 साल की खिलाड़ी मिजोरम की लालरेमसियामी ने एफआईएच महिला हॉकी सीरीज फाइनल में खेलने के लिए अपने पिता के अंतिम संस्कार को भी छोड़ दिया। अपने इस फैसले को लेकर वह सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हो रही हैं। लालरेमसियामी जब हिरोशिमा में एफआईएच महिला सीरीज फाइनल को खेलने गयीं थी तभी उनके पिता का निधन हो गया था। टीम की अहम खिलाड़ी होने के कारण वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाईं। भारत ने इस टूर्नामेंट के फाइनल में जापान को 3-1 से हराया। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल ना होकर लालरेमसियामी का फाइनल खेलने का फैसला देश के प्रति उनकी भावनाओं को दिखाता है। लालरेमसियामी जीत के बाद जब अपने घर पहुंची तो वहां का माहौल बहुत भावुक था। लालरेमसियामी के पिता की मौत शुक्रवार को हार्ट अटैक से हो गई थी। ऐसे कठिन समय में भी लालरेमसियामी ने टीम का साथ नहीं छोड़ा और वह खेलती रहीं। 
वहीं भारतीय टीम की कैप्टन रानी रामपाल ने मैच की जीत को लालरेमसियामी के पिता को समर्पित किया है। लालरेमसियामी जब अपने घर पहुंची तो वह खुद को रोक न सकीं और अपनी मां के गले लगकर रो पड़ीं। मिजोरम सरकार के अधिकारी और उनके पूरे गांव के लोग वहां मौजूद थे। लालरेमसियामी को उनके साथियों द्वारा सियामी नाम से पुकारा जाता है। लालरेमसियामी के खेल के प्रति जुनून को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्विटर पर लालरेमसियामी के पिता के निधन की बात साझा की। उन्होंने लिखा, 'भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी लालरेमसियामी के पिता का निधन हो गया। इस समय भारत, हिरोशिमा में सेमीफाइनल खेल रहा था। लालरेमसियामी ने इस दुखद घड़ी में भी अपने कोच से कहा, 'मैं अपने पिता को गर्व महसूस करवाना चाहती हूं। मैं खेलना चाहती हूं और भारत को क्वालीफाई करवाना चाहती हूं।'