जबलपुर। मई-जून की भीषण गर्मियों में हर साल गंभीर पेयजल संकट का सामना करने वाले जबलपुर जिले के ६ गांवों के साढ़े सात हजार से अधिक रहवासियों के लिए मुख्यमंत्री ग्राम नल जल योजना वरदान बन गई। कुछ साल पहले तक पेयजल सहित रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की जद्दोजहद से जूझते ये गांव अब पानीदार बन गए हैं।
    मुख्यमंत्री ग्राम नल जल योजना के तहत पेयजल की ज्यादा समस्या वाले जिले के सभी विकासखण्डों से ४-४ ग्रामों का चयन कर जिले के कुल २८ ग्रामों में पेयजल की सुगम उपलब्धता के लिए काम प्रारंभ किया गया था। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि इनमें से ६ ग्रामों में पानी की आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री नल जल प्रदाय योजना के तहत जिले के विकासखण्ड पनागर के ग्राम कुशनेर, रैपुरा, छत्तरपुर और विकासखण्ड कुण्डम के ग्राम हरदुली कला, मेहगांव तथा विकासखण्ड जबलपुर के जोतपुर में जल प्रदाय किया जा रहा है। इन सभी गांवों में रहने वाले करीब ७ हजार ६५० ग्रामीणों को योजना की मदद से पाइप लाइनों द्वारा शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। सभी गांवों को मिलाकर ३ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से जल स्त्रोत और पानी की टंकी निर्माण तथा पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया गया है।
    कार्यपालन यंत्री श्री श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ साल पहले तक इन सभी गांवों में भूमिगत जल स्तर काफी नीचे चले जाने की वजह से ग्रामीणों को पेयजल की दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता था, लेकिन अब इन सभी गांवों के ग्रामीणों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल गई है। गांव के पानीदार बनने से काफी खुश हैं। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि योजना की खास बात यह है कि हर गांव में तीन नल जल स्त्रोतों का निर्माण किया गया है, ताकि कोई जल स्त्रोत असफल होने पर या जलक्षमता कम होने पर भी अन्य स्त्रोतों से पेयजल आपूर्ति बनी रहे। साथ ही प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन ७० लीटर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।