नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में आर्थिक सर्वे 2018-19 पेश कर दिया है. पहली बार इकोनॉमि सर्वे पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि साल 2019-20 में तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद की जा रही है. आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष 2019-20 में ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है. फाइनेंशियल ईयर 2020 में जीडीपी ग्रोथ 7% रहने का अनुमान है. साथ नए वित्त वर्ष में निवेश बढ़ने की भी उम्मीद है.

कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने की संभावना
कच्चे तेल की कीमतों में कमी की उम्मीद की जा रही है, जिसका असर आने वाले समय में घरेलू बाजार में भी दिखाई देगा. आर्थिक सर्वे में कहा गया कि साल 2018 से ग्रामीण विकास ने रफ्तार पकड़ी है. मांग बढ़ने से अर्थव्यव्था में निवेश में तेजी आएगी. इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया कि पिछले पांच साल में 7.5 प्रतिशत की औसत GDP ग्रोथ दर्ज की गई है.

तेल की कीमतों में कमी आने से खपत बढ़ेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि तेल कीमतों की कमी से खपत बढ़ेगी. ग्लोबल ट्रेड टेंशन का एक्सपोर्ट पर भी असर होगा. निर्मला सीतारमण ने उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष 2025 तक जीडीपी ग्रोथ 8 प्रतिशत बरकरार रखने की जरूरत है. सरकार का 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है.

वित्त मंत्री ने कहा कि एनबीएफसी सेक्टर में दबाव का ग्रोथ पर असर है. मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमी के लिए कई वित्तीय चुनौतियां है. धीमी ग्रोथ, GST, कृषि योजनाओं का असर होगा. वित्त वर्ष 2021 में 3 वित्तीय घाटे का लक्ष्य रखा गया है. अगले वित्त वर्ष में ग्रोथ धीमी रहने से राजस्व पर असर होगा.