नई दिल्ली  | सुप्रीम कोर्ट ने पुराने और डिफेक्टिव केसों को निपटाने की मुहिम शुरू की है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शीर्ष अदालत के सभी जजों से आग्रह किया है कि है वे पुराने केस प्राथमिकता पर सुनें और उनका निपटारा करें। इसी क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने 900 से ज्यादा ऐसे केसों को चिन्हित किया है जो कई सालों से कोर्ट में लंबित हैं लेकिन कुछ कमी होने के कारण इन्हें सुनवाई पर नहीं लगवाया जा रहा है। ऐसे केसों को मुख्य न्यायाधीश ने सूचीबद्ध करवाया है और चार हफ्ते का समय दिया है। 4 हफ्ते में यदि इनकी कमी दूर नहीं की गई तो इन्हें खारिज कर दिया जाएगा। कुछ मामलों में वकीलों ने केस ही वापस लेने की अर्जी दी है। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश ने शुक्रवार को भी 400 से ज्यादा केस सुनवाई पर लगाए थे। ऐसे में जब सुप्रीम कोर्ट में जजों की कोई रिक्ति नहीं है मुख्य न्यायाधीश का यह कदम महत्वपूर्ण हैं। सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी के मुताबिक ऐसे कई केस जानबूझकर डिफेक्टिव रखे जाते हैं जिससे वह लंबित दिखते रहें। यदि ये केस निचली अदालत के किसी आदेश के खिलाफ है तो इनका डायरी नंबर निचली अदालत या प्राधिकार को दिखाकर बताया जाता है केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ऐसे में अधिकारी कार्रवाई रोक देते हैं। वे सोचते हैं कि कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही करेंगे। वहीं यदि ऐसा केस डिफेक्ट रिमूव होकर सुनवाई पर आ जाता तो शायद खारिज हो जाता। सुप्रीम कोर्ट में कुल 59,331 मामले लंबित हैं।