इस्लामाबाद । कंगाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान में लोग महंगाई की आग में झुलस रहे हैं। गेहूं और आटे के दाम आसमान छू रहे हैं। हालात न बिगड़े इसलिए इमरान सरकार ने गेहूं और आटे के निर्यात पर तत्काल बैन लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा पाकिस्तान ने जमाखोरी के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने का फैसला किया है। पाकिस्तान में इस बार गेहूं का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है। नतीजतन आटे का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 33 प्रतिशत कम हुआ है। रोटी और गेंहू से बने उत्पादों को नियंत्रित करने के लिए इमरान सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर नेशनल प्राइस मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक बुलाने पर विचार कर रहा है। पाकिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में महज एक रोटी की कीमत 20 से 30 रुपये हो चुकी है। गेंहू और आटे के निर्यात पर प्रतिबंध का फैसला इमरान कैबिनेट की इकोनॉमिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पीएम इमरान खान के वित्तीय सलाहकार अब्दुल हाफिज शेख ने की। बैठक में देश भर में गेहूं के दाम की स्थिति पर चर्चा की गई।