नई दिल्ली: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता व पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को ईद-उल-अजहा की नमाज नहीं पढ़ने दी गई. 

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बिलावल ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में यह आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने इसके लिए पहले से अर्जी दी थी, इसके बावजूद उन्हें ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई.

उन्होंने कहा कि 'निर्दयी सरकार ने जान बूझकर फरयाल तालपुर (जरदारी की बहन, बिलावल की बुआ) को जेल भेज दिया. उन्हें अस्पताल से उठाकर अडियाला जेल में डाल दिया.'

बिलावल ने कहा कि उनका परिवार शहीदों का परिवार है. वह इमरान सरकार के ऐसे हथकंडों से डरने वाला नहीं है. सरकार की ऐसी 'नीच हरकतों' से उन्हें फर्क नहीं पड़ता.

बिलावल ने कश्मीर मुद्दे पर कहा कि कश्मीरियों के समर्थन के लिए व्यावहारिक कदम उठाने होंगे. अगर युद्ध लड़ना पड़े तो हम इसके लिए भी तैयार हैं.

उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के इस बयान पर गहरी निराशा जताई कि पाकिस्तानियों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दे के उठने को लेकर कोई खुशफहमी नहीं पालनी चाहिए. बिलावल ने कहा कि किसी कोशिश से पहले ही ऐसा बयान देने वाले विदेश मंत्री बताएं कि आखिर उनके इरादे क्या हैं.