महाराष्ट्र के बीड के काशीनाथ नगर में रहने वाली 83 साल की सुंदरबाई नाइकवडे का देहांत हो गया I जब उनकी अर्थी उठाने का वक्त आया तो उनके चारों बेटे आगे आए लेकिन जैसे ही अर्थी ले जाने का वक्त आया तो  परिवार की चारों बहुएं आगे आई और सास की अर्थी को कंधा दियाI इन बहुओं के नाम लता नवनाथ नाईकवाडे, उषा राधाकिसन नाईकवाडे, मनीषा जालिंदर नाईकवाडे और मीना मच्छिंद्र नाईकवाडे हैI

 ये सास-बहू के दुर्लभ प्रेम का मामला हैI सास सुंदरबाई नाइकवडे अपनी चारों बहुओं को बहुत चाहती थीI सास ने अपनी बहुओं को बेटियों से भी बढ़कर प्यार दियाI यही वजह थी कि सास का देहांत हुआ तो बहुएं उसे कंधा देने से खुद को रोक नहीं पाईI सास-बहू के इस अदभुत प्रेम और अपनी सास की अर्थी को कंधा देने की घटना की हर कोई तारीफ कर रहा है I