भोपाल । लंबे समय से प्रदेश में जारी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर रुक-रुककर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। अब तक जमकर हुई बारिश के कारण नर्मदा, तवा, बेतवा, शिप्रा सहित अन्य नदियां और कई नाले उफान पर हैं। प्रदेश के ज्यादातर बड़े बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। शहरों और कस्बों को जोड़ने वाले कई मार्ग बंद हैं। धार जिले में मंगलवार को एक बस के 40 यात्री बहने से बाल-बाल बच गए। धार के झरदी गांव में मनावर से कुक्षी जा रही थी। बस जब यहां पहुंचीं तो स्थानीय नदी की पुलिया पर बाढ़ का पानी था। रास्ता बंद होने के बावजूद चालक ने बस निकालने का प्रयास किया। कुछ दूरी पर जाकर बस बंद हो गई और बहने लगी। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने तुरंत रस्सी बांधकर और मानव श्रृंखला बनाकर रस्सियों के सहारे लोगों को बस से बाहर निकालकर किनारे तक लाए। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कमोबेश यही हालत बने रहेंगे। 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें इंदौर, धार, देवास के अलावा कई और जिले शामिल हैं।ऐसे में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  प्रदेश में हो रही भारी बारिश के चलते चंबल नदी भी उफान पर है। भिंड में चंबल पुल पर 119 मीटर तक जलस्तर पहुंच गया है और काफी तेजी से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कोटा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। अटेर के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 
    उज्जैन जिले में नागदा के समीप बिजली गिरने से ग्राम खजूरिया में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। वहीं कायथा में छोटी कालीसिंध नदी में बहने से एक युवक की मौत हो गई। खंडवा शहर की तीन पुलिया में भरे पानी में एक वृद्ध बह गया। रतलाम जिले में गांव ताजपुरिया मजला रुघनाथ पाड़ा के समीप एक वृद्ध नाले में बह गया। बड़वानी के राजघाट में नर्मदा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर 136.800 मीटर पर पहुंच गया है। इससे पूर्व 1970 में जलस्तर 136.680 मीटर तक पहुंचा था। बड़वानी में जिला प्रशासन ने अब तक सबसे बड़ा रेस्क्यू चलाते हुए राजघाट के टापू बने हिस्से से 20 परिवारों को सामान सहित बाहर निकाला। इस दौरान हंगामा भी हुआ। होशंगाबाद में नर्मदा मंगलवार को खतरे के निशान 964 फीट को पार करके शाम को 965.5 फीट पर पहुंच गई थी। इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से 20 हजार 800 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं ओंकारेश्वर बांध के 18 गेटों से 23 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने से नर्मदा उफान पर है। यही हाल नर्मदा पर बने अन्य बांधों का है। मोरटक्का में नर्मदा का जलस्तर 166.550 मीटर है। जबकि 167 मीटर के बाद पानी पुल को छूने लगता है। इससे इंदौर-खंडवा सहित कई रास्तों पर यातायात अवरुद्ध रहा। बड़वाह स्थित मोरटक्का पुल को नर्मदा छूने के करीब है। इस पुल से यातायात बंद कर दिया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार को प्रदेश के इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, झाबुआ सहित कई जिलों में भारी बरसात की आशंका है। अभी दो दिन तक ऐसी स्थिति बनी रहने की संभावना है।