शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के चौथी बार सीएम बन गए हैं. हालांकि सोमवार को उन्होंने राजभवन में  अकेले ही शपथ ली. लेकिन जल्द ही होने वाले कैबिनेट विस्तार में इन नेताओं की सीट पक्की बताई जा रही है.

गोपाल भार्गव- रहली विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक निर्वाचित हुए गोपाल भार्गव नेता प्रतिपक्ष रहे, भाजपा की पिछली कई सरकारों में अहम मंत्रालयों के मंत्री रह चुके हैं.


नरोत्तम मिश्रा- मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता, डिप्टी सीएम पद के भी दावेदार बताए जा रहे थे. लेकिन डिप्टी सीएम जैसा कोई भी पद सृजित नहीं किया जा रहा है. इसलिए अहम मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है. जनसंपर्क मामलों के मंत्री भी बनाए जा सकते हैं.


भूपेंद्र सिंह- खुरई से विधायक, एक बार फिर वह सरकार में शामिल होंगे. पिछले कई कार्यकालों से मंत्री रहे. गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सफलतापूर्व निभा चुके हैं. शिवराज सिंह चौहान ने इन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी नाम बढ़ाया था.


डॉ. अरविन्द भदौरिया- शिवराज सिंह के चौथी बार सीएम बनने के लिए हुए पॉलीटिकल ड्रामे का एक प्रमुख किरदार कहे जाने वाले अरविंद भदौरिया, सरकार में शामिल होंगे या नहीं, इसके कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि वह लीक से हटकर फैसलों के लिए पहचाने जाते हैं. विश्वस्त सूत्रों की माने तो अरविन्द सिंह भदौरिया को जगत प्रकाश नड्डा की टीम में जगह मिल सकती है.


राजेंद्र शुक्ला- रीवा से विधायक, विन्ध्य इलाके से आने वाले राजेंद्र शुक्ला प्रदेश के लो-प्रोफाइल में रहकर सरकार और संगठन दोनों ही मोर्चों पर बड़ी उपलब्धियां दर्ज कराते रहे हैं. ऊर्जा मंत्री रहते हुए उनके द्वारा सोलर एनर्जी और नवीनीकृत ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्य की पीएम भी तारीफ कर चुके हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में रीवा की सभी विधानसभा सीटों पर पार्टी को जीत मिली, इसलिए राजेंद्र शुक्ल की दावेदारी और मजबूत हो जाती है.


नागेंद्र सिंह नागौद– सतना के नागौद से विधायक नागेंद्र सिंह ईमानदार छवि के नेता होने के साथ विधायी मामलों के जानकार माने जाते हैं. ब्यूरोक्रेसी में उनकी पकड़ शिवराज कैबिनेट के अन्य किसी भी सहयोगी से अधिक रही है. शिवराज सिंह चौहान के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल नागेंद्र सिंह नागौद को विधानसभा अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है.


तुलसी सिलावट- सिंधिया खेमे के इस सबसे कद्दावर नेता को कैबिनेट में सबसे अहम मंत्रालय दिया जा सकता है. गृह, वित्त, और पीडब्लयूडी जैसे मंत्रालय का जिम्मा भी उन्हें मिल सकता है.

संजय पाठक- संजय पाठक शिवराज के पिछले कार्यकाल में भी मंत्री रहे. कांग्रेस से बीजेपी में आए संजय पाठक कमलनाथ सरकार में राजनीतिक निशाने पर रहे. इसका ईनाम उन्हें कैबिनेट में जगह देकर दिया जाएगा.

रमेश मेंदोला- कैलाश विजयवर्गीय के भरोसेमंद रमेश मेंदोला को कैबिनेट में जगह मिलना तय है.

ऊषा ठाकुर– महू की विधायक, शिवराज सिंह चौहान की भरोसेमंद नेता होने का फायदा उन्हें मिल सकता है.

विजय शाह- हरसूद से विधायक, आदिवासी समाज के जनाधार वाले नेता को मंत्री पद मिलना तय माना जा रहा है.

यशोधरा राजे सिंधिया- शिवपुरी विधायक, उन्हें एक बार फिर शिवराज कैबिनेट में स्थान मिल सकता है.

शरदेंदु तिवारी- पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल को उनके गढ़ चुरहट से शिकस्त देने वाले विधायक शरदेंदु तिवारी का नाम सियासी पंडितों को भी हैरान कर सकता है. युवा चेहरे के तौर पर शरदेंदु तिवारी को सरकार में शामिल किया जा सकता है.

जगदीश देवड़ा- मल्हारगढ़ से विधायक, शिवराज सिंह चौहान के साथ कार्य करने का अनुभव.

बिसाहूलाल और शरदेंदु तिवारी में किसी एक को जगह मिल सकती है. इसी तरह सीताशरण शर्मा की प्रबल दावेदारी होने पर किसी एक कद्दावर नेता का नाम संगठन के लिए भेजा जा सकता है. वैसे भरोसेमंद सूत्रों की माने तो डॉ अरविन्द भदौरिया का जेपी नड्डा की टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनना तय है. इसी तरह एक दो और भी बड़े नेता भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनेंगे. बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन का मंत्री बनना तय है.

सिंधिया खेमे के सभी पूर्व मंत्रियों को मिलेगी जगह
गोविंद राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभूराम चौधरी,प्रदूम्न सिंह तोमर, इमरती देवी