इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती दो महिलाओं समेत पांच मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की बुधवार को पुष्टि हुई। इनमें से किसी भी मरीज ने पिछले दिनों विदेश यात्रा नहीं की थी। यानी वे देश के भीतर ही इस घातक बीमारी की जद में आये हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने "पीटीआई-भाषा" को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आये मरीजों में शामिल 65 वर्षीय महिला पड़ोसी उज्जैन जिले की रहने वाली है। हालांकि, उसका इलाज इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये चार अन्य मरीज इंदौर के ही अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। इनमें 50 वर्षीय महिला, 48 वर्षीय पुरुष, 68 वर्षीय पुरुष और 65 वर्षीय पुरुष शामिल हैं। ये मरीज शहर के दो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, "इन पांचों मरीजों में से किसी ने भी पिछले दिनों विदेश यात्रा नहीं की थी। इनमें शामिल दो पुरुष मरीज आपस में मित्र हैं जो इसी महीने साथ में वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गये थे और हाल ही में लौटे हैं।" इस बीच, जिलाधिकारी लोकेश कुमार जाटव ने बताया, "कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये पांचों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका अच्छे से अच्छा इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।"
गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिये इंदौर में सोमवार से लॉकडाउन लागू है। जिलाधिकारी ने कहा, "जिलावासियों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिले भर में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं।" जाटव ने यह भी बताया कि प्रशासन आम जनता को रोजमर्रा की जरूरत का सामान ऑनलाइन माध्यमों से उनके घर में ही उपलब्ध कराने के उपाय कर रहा है। इसके लिये चिन्हित ऑनलाइन स्टोरों, वेंडरों और विक्रेताओं की जानकारी जल्द जारी की जायेगी।