अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कोरोना वायरस के वर्तमान हालात में घोषित हुए 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान नागरिकों को खाद्यान्न, आटा और दाल जैसी वस्तुओं की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को राज्य के चार महानगरों के आटा और दाल मिल संचालकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की। 
विजय रूपाणी ने इस संदर्भ में जिला कलक्टरों, पुलिस तंत्र और आपूर्ति अधिकारियों को सुचारू समन्वय स्थापित कर यह ध्यान रखने की ताकीद की कि ऐसे मिलरों की सप्लाई चैन बंद न हो। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में गेहूं, चावल, बाजरी और दाल जैसे खाद्यान्न के बजाय उसके तैयार आटे की मांग अधिक रहेगी। आटा और दाल मिल में आने वाले अनाज को पीसकर आटा तैयार किया जा सके इसके लिए अन्य राज्यों से आने वाले खाद्यान्न की आपूर्ति भी निर्बाध रूप से जारी रहे यह सुनिश्चित करने का भी उन्होंने अनुरोध किया। उन्होंने आटा और दाल मिल संचालकों द्वारा उनके माल को मिल तक और उसके बाद आटे को लास्ट माइल कनेक्टिविटी तक पहुंचाने में अंतर राज्य और अंतर जिला परिवहन में सरकार से मदद की गुजारिश को लेकर भी जिला पुलिस एवं प्रशासन को उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। 
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलक्टरों को आटे की होलसेल और रिटेल मार्केट चैन ना टूटे इसके लिए आवश्यक वाहन और व्यक्तियों को पास जारी करने की भी ताकीद की। राज्य के ऐसे आटा और दाल मिल संचालक जो अन्य राज्यों में सप्लाई करते हैं वह भी बरकरार रहे और अन्य राज्यों के नागरिकों को भी कोई दुविधा न हो यह ख्याल रखने का भी उन्होंने मिल संचालकों से आग्रह किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आटा और दाल मिल संचालकों के लिए वर्तमान स्थिति में जरूरी दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल तत्काल तैयार कर जिला प्रशासन को पहुंचाएगी और ऐसा इंतजाम करेगी कि समूची व्यवस्था अबाधित रूप से जारी रहे। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत के अलावा आदिवासी क्षेत्र दाहोद के आटा और दाल मिल संचालक शामिल थे। मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार, सहकारिता सचिव मनीष भारद्वाज, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव मोहम्मद शाहिद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।