इंदौर। कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे के साथ ही उनके संपर्क में आये लोगों को अब तेजी से क्वारेंटाइन सेंटरों में भिजवाया जा रहा है। 500 से ज्यादा ऐसे संदिग्धों को अभी तक प्रशासन इन सेंटरों में भिजवा चुका है। इन सेंटरों के लिये होस्टल, होटल, मैरिज गार्डन लिए जा रहे हैं। इनके संचालक प्रशासन को पूरा सहयोग भी कर रहे हैं। 80 से ज्यादा होटल, मैरिज गार्डन प्रशासन इन सेंटरों के लिये ले चुका है। इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। 2 हजार से ज्यादा लोगों को इन सेंटरों में रखा जायेगा।
मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 में भी प्रावधान है कि स्वास्थ्य और लोक शांति के लिये प्रशासन ऐसे सेंंटर बनाने के लिये होटल, मैरिज गार्डन या अन्य भवनों को अधिगृहीत कर सकता है। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरे के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 के प्रावधानों के अनुसार जनसामान्य के स्वास्थ्य तथा लोक शांति बनाए रखने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। इसके लिये जिले के भवन , मैरिज गार्डन, धर्मशाला आदि अधिगृहीत किए गए हैं। कलेक्टर ने बताया कि अधिग्रहण अवधि में ये भवन पुलिस प्रशासन के आधिपत्य में रहेंगे तथा इन पर पुलिस प्रशासन विभाग का नियंत्रण रहेगा। जिले में लगभग 80 ऐसे भवन अधिगृहीत किए गए हैं। इनमें से गुलमोहर, राजबाड़ा पैलेस, कृष्णा होटल, होटल अमृत रिजेंसी, गिरधारी होटल, होटल बंजारी, कुमावत धर्मशाला, सांई मंडपम, चौकसे धर्मशाला, मथुरा महल गार्डन, चोपड़ा वाटिका, गंगा धर्मशाला आदि हैं। इंदौर होटल एसोसिएशन ने कलेक्टर के आदेशानुसार विजय नगर में लगभग 150 कमरों का क्वारेंटाइन केंद्र बनाने की व्यवस्था की है। कोरोना के संदिग्ध मरीजों मैं लगातार इजाफा हो रहा है। इस स्थिति को काबू में रखने के लिए क्वारेंटाइन सेंटर का होना बहुत जरूरी है।