नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड‑19 की महामारी और लॉकडाउन से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज को आत्‍मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया है। मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगाठ पर देशवासियों को लिखे खुले पत्र में शनिवार को

कहा कि देश मौजूदा संकट से अपनी अर्थव्यवस्था को उबार कर दुनिया के सामने एक मिसाल कायम करेगा।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को लिखे खुले पत्र के संबोधन में कहा है कि अभी हाल ही में आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए दिया गया 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज मौजूदा संकट की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्‍होंने अपने पत्र में लिखा है कि ये अभियान प्रत्‍येक देशवासी के लिए, हमारे किसान, हमारे श्रमिक, हमारे लघु, उद्यमी, हमारे स्टार्टअप्स से जुड़े नौजवान, सभी के लिए, नए अवसरों का दौर लेकर आएगा।

कोविड‑19 की महामारी से दुनियाभर में उत्पन्न आर्थिक संकट का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इन परिस्थितियों में ये चर्चा भी व्यापक है कि भारत समेत तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाएं कैसे उबरेंगी। लेकिन, दूसरी ओर ये विश्वास भी है कि जैसे भारत ने अपनी एकजुटता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया को अचंभित किया है, वैसे ही आर्थिक क्षेत्र में भी हम नई मिसाल कायम करेंगे।

मोदी ने अपने पत्र के जरिए कहा कि 130 करोड़ भारतीय अपने सामर्थ्य से आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व को चकित ही नहीं, बल्कि प्रेरित भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि आज समय की मांग है कि हमें अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयों के परिश्रम से और उनकी प्रतिभा से स्थानीय स्तर पर बने ‘लोकल’ उत्पादों के दम पर भारत आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा।

उल्‍लेखनीय है कि 12 मई को राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रूपये के समग्र आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी, जो जीडीपी का 10 फीसदी होता है। मोदी ने अपने पत्र में भारत सहित दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को कोरोना-19 के प्रभाव से उबरने को लेकर हो रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया है। बता दें कि सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी देश की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2019–20 के दौरान गत 11 वर्षों में सबसे कम 4.2 फीसदी रही है।