नई दिल्ली । हीरो साइकिल्स वित्तीय संकट का सामना कर रही एटलस साइकिल्स का अधिग्रहण करने पर ‎विचार कर रही है। एटलस साइकिल्स देश की सबसे पुरानी साइकिल कंपनियों में है, लेकिन फंड की कमी के कारण उसने हाल ही में अपवि आ‎खिरी ‎विनिर्माण इकाई बंद कर दी थी, लेकिन जल्दी ही कंपनी के दिन बदल सकते हैं। मुंजाल परिवार की हीरो साइकिल्स ने एटलस साइकिल्स को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। हीरो साइकिल्स के चेयरमैन पंकज मुंजाल ने एटलस साइकिल्स के प्रमोटरों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। हीरो की भारतीय साइकिल बाजार में 43 फीसदी हिस्सेदारी है। मुंजाल ने बताया कि हीरो दुनियाभर में ब्रांड्स को खरीद रही है। हीरो जीरो नेट-डेट कंपनी है जिसके पास 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कैश रिजर्व है। अगर कोई अपना ब्रांड बेचना चाहता है तो हम उसके लिए तैयार हैं। हमें ब्रांड्स खरीदने की जरूरत है। एटलस के बारे में उन्होंने कहा ‎कि उस पर हमारी नजर है, लेकिन अब तक इस बारे में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। एटलस को 2014 से घाटा होना शुरू हुआ था। तीन जून को कंपनी ने साहिबबाद की फैक्टरी बंद कर दी थी। संयोग से उस दिन वर्ल्ड बाईसाइकिल डे था। यह प्लांट 1989 में शुरू हुआ था और वह कंपनी का आखिरी ऑपरेशन प्लांट था। इसमें हर महीने 2 लाख से अधिक साइकिल बनाने की क्षमता थी।