दिल्ला हाई कोर्ट ने मंगलवार (8 सितंबर) को एक फैसला सुनाया जिसमें उसने कहा कि राजधानी दिल्ली में कोविड-19 (Corona Virus) की आरटी/पीसीआर टेस्ट (RT/PCR test) के लिए डॉक्टर्स द्वारा लिखा गया पर्चा (Prescription) अनिवार्य नहीं है.  

जानकारी के लिए बता दें कि अब तक किसी व्यक्ति को कोरोना जांच करवाने के लिए डॉक्टर के पर्चे या फिर कोरोना के लक्षणों का होना अनिवार्य था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. हाई कोर्ट ने ये फैसला ऐसे समय में सुनाया है जब देश भर के लोग कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं. 

हाई कोर्ट में जस्टिस हेमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने फैसले में बताया कि महामारी की जांच के लिए लोगों को दिल्ली के पता के प्रमाण के लिए (address proof) आधार कार्ड (Aadhaar card) को साथ ले जाना जरूरी होगा. इसके अलावा लोगों को कोविड-19 परीक्षण के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) द्वारा निर्धारित फॉर्म भरने की आवश्यकता होगी.

संबंधित मामले को लेकर कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस मामलों की संख्या में तेज से वृद्धि हुई है. ऐसे में निजी प्रयोगशालाओं को हर दिन ऐसे 2,000 लोगों के कोविड-19 (COVID-19) टेस्ट करने को कहा गया है जो, स्वेच्छा से स्क्रीनिंग (voluntarily screening) से गुजरना चाहते हैं. बता दें कि फिलहाल राजधानी में हर दिन लगभग 12,000 टेस्ट होते हैं. 

बात अगर राजधानी के कोरोना केस की करें तो यहां 1,93,526 कुल कोरोना केस हैं जिनमें से 1,68,384 लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं जबकि 20,543 मामले अब भी एक्टिव है. वहीं 4,599 लोगों की महामारी से मौत हो चुकी है.