नई दिल्ली। संसद के सोमवार से शुरू हुए मानसून सत्र में शामिल होने के लिए की गई कोविड-19 जांच में करीब 30 सांसद और संसद के 50 से अधिक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। सूत्रो ने सोमवार को यह जानकारी दी। मानसून सत्र की शुरुआत होने से पहले सभी सांसदों ओर लोकसभा तथा राज्यसभा के सचिवालयों के कर्मचारियों की आवश्यक कोविड-19 की जांच की गई।

सूत्रों ने बताया कि इन जांचों की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 सांसद और सचिवालयों के 50 से अधिक कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए गए सभी सांसदों और कर्मचारियों से संसद न आने और पृथक-वास में जाने के लिए कहा गया है। सोमवार से शुरू हुआ मानसून सत्र एक अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान कोविड-19 महामारी को देखते हुए बैठकें दो पालियों में होंगी।

नाम नहीं छपने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 17 सांसद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैं और तीन कांग्रेस के हैं। इस सूची में रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी और दिल्ली के दो भाजपा सांसद, मीनाक्षी लेखी और प्रवेश वर्मा शामिल हैं।

सोमवार से मानसून सत्र लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग बदलावों के साथ शुरू हुआ। इसमें बैठने की व्यवस्था और महामारी के मद्देनजर सख्त स्वास्थ्य नियम थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को राज्यसभा के पहले दिन साढ़े तीन सौ सांसदों ने भाग लिया। मंत्रियों को उनकी उपस्थिति को चिह्नित करने की आवश्यकता नहीं है।

मोबाइल ऐप से लगी हाजिरी
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसी के मद्देनजर सांसदों के हाजिरी लगाने की भी अलग व्यवस्था की गई थी। हाजिरी के लिए मोबाइल ऐप का सहारा लिया गया। हालांकि इस क्रम में कई सांसदों को दिक्कतें भई आईं। सदन परिसर में एक सांसद दूसरे को हाजिरी लगाने में मदद करते हुए दिखे।

संसद संदेश देगी कि सैनिकों के साथ एकजुटता से खड़ी है: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्वास जताया कि संसद एक स्वर में यह संदेश देगी कि वह हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के साथ एकजुटता से खड़ी है।संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को दिये आने बयान में मोदी ने लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सीमा गतिरोध के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि भातीय सैनिक कठिन पहाड़ी इलाकों में बहादुरी के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जितनी चर्चा होगी, उतना ही अच्छा है। उन्होंने कहा, ''मुझे विश्वास है कि सभी सांसद सामूहिक रूप से कई विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।'' कोविड महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंनें कहा कि संसद सत्र विशेष परिस्थितियों में आयोजित किया जा रहा है और सांसदों ने कोविड काल में अपनी ड्यूटी करने का फैसला किया।उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए सभी उपाय अपनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि वायरस का टीका मिलने तक कोई ढिलाई नहीं बरती जा सकती है।