टाटा कंपनी बनाएगी नई संसद:टाटा को मिला संसद की नई बिल्डिंग बनाने का कॉन्ट्रैक्ट, 865 करोड़ की लागत से पुरानी इमारत के सामने ही बनेगी नई इमारत
 

इस इमारत का मास्टर प्लान पिछले साल तैयार किया गया था। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच संसद के दोनों सदनों के लिए ज्यादा सदस्यों की क्षमता वाली नई इमारतें बनाई जाएंगी। -फाइल फोटो
राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच संसद के दोनों सदनों के लिए ज्यादा सदस्यों की क्षमता वाली नई इमारतें बनाई जाएंगी
लोकसभा में अभी 545 सांसद हैं, नए सदन को 900 सांसदों के लायक बनाया जाएगा ताकि सीटें बढ़ने पर दिक्कत ना हो

संसद की नई इमारत बनाने का कॉन्ट्रैक्ट टाटा कंपनी को मिला है। 865 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इमारत का कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को टाटा ने हासिल कर लिया है। एक अधिकारी के मुताबिक, इमारत का निर्माण 21 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। यह इमारत पार्लियामेंट हाउस स्टेट के प्लॉट नंबर 118 पर बनाई जाएगी।

इस इमारत का मास्टर प्लान पिछले साल तैयार किया गया था। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच संसद के दोनों सदनों के लिए ज्यादा सदस्यों की क्षमता वाली नई इमारतें बनाई जाएंगी।

साथ ही केंद्रीय सचिवालय के लिए 10 नई इमारतें बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। हालांकि, मास्टर प्लान तैयार होते वक्त केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट कर दिया था कि ये प्लान अंतिम नहीं है।

ऐसा होगा नया संसद भवन

लोकसभा की नई इमारत में सदन के अंदर 900 सीटें होंगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोकसभा में सीटें बढ़ती हैं तो दिक्कत न हो।
नए सदन में दो-दो सांसदों के लिए एक सीट होगी, जिसकी लंबाई 120 सेंटीमीटर होगी। यानी एक सांसद को 60 सेमी की जगह मिलेगी।
संयुक्त सत्र के दौरान इन्हीं दो सीटों पर तीन सांसद बैठ सकेंगे। यानी कुल 1350 सांसद बैठ सकेंगे। राज्यसभा की नई इमारत में 400 सीटें होंगी।
देश की विविधता दर्शाने के लिए संसद भवन की एक भी खिड़की किसी दूसरी खिड़की से मेल खाने वाली नहीं होगा। हर खिड़की अलग आकार और अंदाज की होगी।

प्रधानमंत्री आवास साउथ ब्लॉक की मौजूदा इमारत के पीछे बनेगा

पीएम आवास: साउथ ब्लॉक की मौजूदा इमारत के पीछे नया पीएमओ बनेगा। उसी के पीछे प्रधानमंत्री आवास बनेगा। अभी प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर है। इस आवास को साउथ ब्लॉक के पास बनाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रधानमंत्री के अपने आवास से दफ्तर और संसद आने-जाने के लिए ट्रैफिक नहीं रोकना पड़ेगा।