मुंबई । शीना बोरा हत्याकांड में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका का शुक्रवार को अभियोजन पक्ष ने कड़ा विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने कहा कि जेल प्रशासन इंद्राणी पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है और 18 किग्रा वजन कम होने के लिए वह खुद जिम्मेदार है।

इंद्राणी के वकील महेश जेठमलानी ने गुरुवार को दलील दी थी कि इंद्राणी की सेहत पिछले साल अक्टूबर से लगातार खराब होती जा रही है। वह ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं जिसमें कभी भी ब्रेन स्ट्रोक आ सकता है और उनके जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लिहाजा उन्हें उचित चिकित्सा की जरूरत है। जेठमलानी ने यह भी कहा था कि वह योग्यता नहीं, बल्कि मानवीय आधार पर जमानत की मांग कर रहे हैं।

शुक्रवार को सीबीआई के विशेष अभियोजक भरत बादामी ने अदालत को बताया कि पिछले साल अक्टूबर में इंद्राणी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो दर्जनभर विभिन्न डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया था। उस समय उन्हें मसालेदार खाने से परहेज और उचित नींद लेने की सलाह दी गई थी।

उनका वर्तमान स्वास्थ्य भी सामान्य है और उन्हें उच्च प्रोटीन वाली खुराक दी जा रही है जिसमें सूखे मेवे, फल, दूध और उबली सब्जियां शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें जेजे अस्पताल भी भेजा जा सकता है।