बुंदेलखंड का चर्चित 20 साल पुराना मामला।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष,  महामंत्री,  जिपं सदस्य सहित एक दर्जन लोग मामले में थे आरोपी।

छतरपुर। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री उभा भारती और उनके गार्ड के ऊपर जान लेवा हमला करने के चर्चित मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले के 11 आरोपियो को संदेह के आधार पर बरी कर दिया है।एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 10 वीं बटालियन एसएएफ डी कंपनी कैंप छतरपुर के एएसआई हरिओम प्रसाद लटौरिया जो तत्कालीन घटना के दौरान उभा भारती के सुरक्षाकर्मी के रुप में तैनात थे। हरिओम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि राजनगर थाना क्षेत्र के चंद्रनगर आम रोड में 8 फरवरी 1998 को दिन के करीब 3ण्30 बजे तत्कालीन लोक सभा प्रत्याशी उभा भारती जैसे ही अपने गार्ड के साथ आम रोड पर पहुॅची आरोपीगणो ने उनके वाहन सामने जीप अड़ा दी और पथराव कर गोली चलाई। इस वारदात के बाद उभा भारती जैसे ही चंद्रनगर चैकी के सामने पहुॅची उसी समय मनोज त्रिवेदीए अर्जुन सिंहए गोविंद सिंहए भगवानदास नामदेवए सलीम खानए हफीज उर्फ जमालए रघुवीर प्रसादए शहादत खानए संजीव राजए लखन लाल दुबेए शंकर नामदेवए फैयाज खान ने उभा भारती के गार्ड हरिओम लाटौरिया के ऊपर पथराव करके गोलियां चलाई। मामले की विवेचना के दौरान इस मामले के दो आरोपी अशोक कुमार और इदरीश की मौत हो गई थी। अदालत ने आरोपियो के खिलाफ आईपीसी की धारा 148ए 149, 341, 332,  307 के तहत आरोप लगाए। 

न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की कोर्ट ने सुनाया फैसला.

इस चर्चित मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने अंतिम बहस सुनी और मामले अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के 11 आरोपियो को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया। फैसला सुनते ही आरोपी आरोपियो के चेहरे खिल उठे। वही कोर्ट परिसर में खड़े समर्थको में खुशी की लहर दौड़ गई।

 

राजेन्द्र कुमार रैकवार 

दबंग मीडिया  

 

Source ¦¦ DM news