मंत्री ललिता यादव से क्या भूल हुई जो यह सजा उनको मिली ?

 
 
दबंग मीडिया-कोई भी राजनैतिक दल चुनाव मैदान में सिर्फ जीत हासिल करने के लिए उतरता है पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा खतरा एंटी इनकंबेंसी का है जिसका फायदा कांग्रेस उठाना चाहती है जो 15 वर्षों से सत्ता से दूर रहकर बनवास भोग रही है वह नहीं चाहती कि इस बार किसी भी तरह की गलती टिकट बंटवारे को लेकर हो भाजपा ने भी टिकटों का बंटवारा बड़ी ही सोच समझकर और कई दौर के सर्वे कराकर किया है ऐसे में कई मंत्रियों विधायकों के टिकट कांटे गए हैं तो कुछ एक की विधानसभा बदली भी गई है जिसमें छतरपुर जिले की छतरपुर विधानसभा भी है जहां प्रदेश सरकार की मंत्री और दो बार से छतरपुर विधानसभा से विधायक की टिकट बदलकर उन्हें दूसरी विधानसभा में शिफ्ट कर दिया गया है आखिर उनसे ऐसी क्या गलती हो गई थी जो यह सजा उनको मिली।
 
ललिता यादव क्षेत्र के कद्दावर नेता है यह सब जानते हैं नगर पालिका अध्यक्ष रहने के दौरान उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों की चर्चा आज ही लोगों की जुबां पर है इसके बाद पिछली 2 विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक परिपक्वता का लोहा मनवाया प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें राज्य मंत्री के पद से भी नवाजा गया पिछड़ा वर्ग एक मजबूत नेता के तौर पर वह जानी जाती है उनके कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय स्थापना,मेडिकल कॉलेज घोषणा, 300 बस्तर का नया अस्पताल सहित कई स्कूलों का उन्नयन उनके द्वारा कराया गया इसके अलावा भी और भी कई कार्य है जिसकी सूची काफी लंबी है जो उनके कार्यकाल के दौरान किए गए। इतना सब कुछ कार्य करने के बाद आखिर उनसे कहा ऐसी क्या चूक उनसे हो गई जो पार्टी किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए भेज दिया जहां उनका कोई जनाधार नहीं है।