भाजपाईयो ने छोडा मैदान, जिला पंचायत अध्यक्ष बनी कांग्रेस समर्थित कलावती

प्रशासन के तगड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच निर्विरोध हुआ जिला पंचायत अध्यक्ष का चयन

छतरपुर। प्रदेश में सरकार बदलते ही कांग्रेस की ताकत उभरकर सामने आने लगी है। जिस जिला पंचायत पर अब तक भाजपा का कब्जा था। उस जिला पंचायत पर सरकार बदलते ही कांग्रेस काबिज हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राजेश प्रजापति के चंदला विधायक चुने जाने के बाद खाली पड़ी इस सीट पर मंगलवार को चुनाव होना था लेकिन भाजपा के मैदान छोड़ते ही जिला पंचायत अध्यक्ष का यह चुनाव निर्विरोध हो गया। 22 सदस्यों वाली इस जिला पंचायत की कुर्सी के लिए बचे हुए 21 सदस्यों में से कुल 18 सदस्यों ने निर्विरोध रूप से कांग्रेस नेता हरप्रसाद अनुरागी की पत्नि कलावती को अपना अध्यक्ष चुन लिया।

हरप्रसाद अनुरागी कांग्रेस के नेता हैं जो दो बार से चंदला विधानसभा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं।  उन्हें छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी का करीबी माना जाता है। राजनैतिक गलियारों के सूत्र बताते हैं कि हरप्रसाद की पत्नि को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में आलोक चतुर्वेदी की भूमिका सबसे अहम रही। उन्होंने ही कांग्रेस एवं भाजपा के सभी जिला पंचायत सदस्यों को साधने में अहम भूमिका निभाई। राजनगर विधायक नाती राजा जिला पंचायत सदस्य अंजना राय को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना चाहते थे लेकिन आखिरकार ज्यादा सदस्य होने के कारण आलोक चतुर्वेदी की मर्जी से ही जिला पंचायत अध्यक्ष दावेदार का फैसला हुआ।

 

 

 

 

 

 

नातीराजा पर भारी पड़े आलोक चतुर्वेदी                          

जिला पंचायत अध्यक्ष की ताजपोशी के लिए प्रशासन ने मंगलवार को सुबह 11 बजे से निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी थी। प्रक्रिया के तहत 21 जिला पंचायत सदस्यों को मतदान के माध्यम से इस आरक्षित पद हेतु  अपना अध्यक्ष चुनना था। इस लड़ाई में भाजपा तो पहले ही बाहर हो गई थी लेकिन कांग्रेसियों के बीच अपने समर्थक को अध्यक्ष बनाने की प्रतिस्पर्धा चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी जहां अपने समर्थक हरप्रसाद अनुरागी की पत्नि कलावती को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाना चाहते थे तो वहीं नाती राजा अंजना राय को इस कुर्सी पर बैठाना चाह रहे थे। अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए आलोक चतुर्वेदी के पास लगभग 9 सदस्य मौजूद थे। 6 सदस्य बिजावर विधायक बब्लू शुक्ला के पास मौजूद थे जबकि नाती राजा के पास कुल 4 सदस्य ही थे। अन्य सदस्य भाजपा के खेमे में थे। बीती रात कांग्रेसियों के बीच रस्साकसी का दौर चला इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए बृजेन्द्र ङ्क्षसह और अशोक सिंह को पर्यवेक्षक के तौर पर भेज दिया। पर्यवेक्षकों ने कांग्रेस के सभी नेताओं को एक स्थान पर एकजुट कराया और फिर चुनाव के पूर्व ही एक नकली मतदान कराया। आपस में पर्चियां डालकर यह तय हो गया कि कलावती अनुरागी के समर्थन में ज्यादा सदस्य हैं इसलिए इस लड़ाई को यहीं खत्म कर दिया जाए। कांग्रेस के सभी नेता फिर एकजुट होकर निर्वाचन स्थल जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और अध्यक्ष पद के लिए कलावती अनुरागी का सिंगल फार्म डाला गया और उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इस दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदीए विधायक नातीराजाए विधायक बब्लू शुक्लाए कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अनीश खानए विधायक प्रतिनिधि अशोक मिश्रा सहित अनेक कांग्रेस मौजूद रहे। अध्यक्ष चुने जाने के बाद कलावती अनुरागी और हरप्रसाद अनुरागी का फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने मोटे के महावीर मंदिर जाकर मत्था टेंका और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आभार जताया।

केन्द्रीय मंत्री जिले में मौजूद रहे फिर भी कुछ नहीं कर पाई भाजपा

            

कांग्रेस ने देखते ही देखते भाजपा के तमाम जिला पंचायत सदस्यों को अपने खेमे में कर लिया और जिस जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भाजपा काबिज थी अब उस पर कांग्रेस का कब्जा है। विधानसभा चुनाव के बाद जिले में भाजपा की यह दूसरी करारी हार है। दिलचस्प बात यह रही कि केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक जिला पंचायत छतरपुर के अध्यक्ष एवं नौगांव जनपद उपाध्यक्ष के चुनाव की इस प्रक्रिया के दिन छतरपुर जिले में ही मौजूद रहे फिर भी वे अपने सदस्यों को रोक नहीं पाए। भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद के लिए कोई आवेदन ही नहीं डाला गया। भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप ङ्क्षसह को जिलाध्यक्षी से हटाए जाने एवं वर्तमान जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र ङ्क्षसह बुंदेला के बीमार होने के कारण जिले की भाजपा बुरी तरह कमजोर हो चुकी है।

पार्वती राजपूत निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित

 

जनपद पंचायत नौगांव में उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शुरू की गई। उपाध्यक्ष नीरज दीक्षित के विधायक बनने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। कुल 25 सदस्यों में से 23 सदस्य प्रक्रिया में शामिल रहे। 11 बजे एसडीएम बीबी गंगेले और एसडीओपी लालदेव सिंह के अलावा टीआई एसपी सिंह बघेल की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई इस प्रक्रिया में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीर सिंह राजपूत की पत्नि पार्वती राजपूत को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया है। इस चुनाव में सिर्फ पार्वती राजपूत का ही आवेदन आया था। निर्धारित समय तक कोई आवेदन न आने पर उन्हें निर्वाचित घोषित कर दिया गया। पार्वती के उपाध्यक्ष चुने जाने पर कांग्रेसियों ने खुशी जताई।

 

राजेन्द्र कुमार रैकवार

दबंग मीडिय

व्यूरोचीफ

Source ¦¦ DM news